ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की कथित तौर पर अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत के बाद योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को खत्म किया जा सकता है, लेकिन उसके विचार और सोच को नहीं मिटाया जा सकता।

रामदेव ने कहा कि किसी भी नेता की असली ताकत उसके विचारों में होती है, जिन्हें समाप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के सामाजिक और धार्मिक ढांचे में ऐसे विचार गहराई से जुड़े होते हैं, इसलिए उन्हें दबाना आसान नहीं होता। साथ ही, उन्होंने अमेरिका और इजरायल की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध से किसी पक्ष को स्थायी लाभ नहीं मिलता और इसके परिणाम लंबे समय तक भुगतने पड़ते हैं।

मौजूदा हालात पर बात करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह के सैन्य टकराव वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ाते हैं। उनका मानना है कि संघर्ष का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

दरअसल, 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर कई हमले किए, जिनमें शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र और इजरायल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया।

तनाव बढ़ने के साथ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। करीब एक महीने से जारी इस टकराव के खत्म होने के फिलहाल कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।