शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा पर खतरे की आशंका, हमीम मंडल की करीबी अर्पिता सरकार गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- हमीम मंडल से पूछताछ के बाद साहिबगंज में छापेमारी कर महिला को हिरासत में लिया गया।
- जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के हनी-ट्रैप पहलू की भी जांच कर रही हैं।
- अदालत में पेशी के बाद पुलिस रिमांड की मांग करेगी एसटीएफ।
पश्चिम बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शनिवार को एक अहम कार्रवाई करते हुए झारखंड के साहिबगंज जिले से जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के संदिग्ध हमीम मंडल की करीबी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, अर्पिता सरकार को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की पूछताछ के दौरान हमीम मंडल ने उससे जुड़े संबंधों की जानकारी दी थी। इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ की टीम साहिबगंज पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया।
कौन है हमीम मंडल?
हमीम मंडल को शुक्रवार को पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर स्थित एक आवासीय परिसर के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान एसटीएफ को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे। इसके बाद आशंका जताई गई कि वह संभावित निशाने पर हो सकते थे।
कई एंगल से जांच में जुटी एसटीएफ
सूत्रों के अनुसार, अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने कथित नेटवर्क में हनी-ट्रैपिंग के संभावित पहलू की भी जांच शुरू कर दी है। शनिवार को उसे कोलकाता की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एसटीएफ आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी।
हमीम मंडल 14 दिन की हिरासत में
निचली अदालत ने शुक्रवार को हमीम मंडल को 14 दिनों की एसटीएफ हिरासत में भेज दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अर्पिता सरकार का नाम सामने आने के बाद साहिबगंज में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
कश्मीर के नेटवर्क से जुड़े होने का दावा
एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि हमीम मंडल के कश्मीर में सक्रिय सज्जाद भट समूह से सीधे संपर्क थे। सज्जाद भट को वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले का मुख्य आरोपी माना जाता है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमीम मंडल इस समूह से निकटता से जुड़ा हुआ था।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा केंद्र सरकार समय-समय पर करती रहती है।
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