पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह जारी, राजा वड़िंग के नेतृत्व पर उठ रहे सवाल

HIGHLIGHTS
- भूपेश बघेल का बूथ मजबूत अभियान 8 अगस्त तक अलग-अलग जिलों में चलेगा।
- चन्नी गुट के नेताओं ने अब तक पार्टी में सब कुछ सामान्य होने की बात सार्वजनिक रूप से नहीं कही है।
- रिदमजीत सिंह की सोशल मीडिया रील के बाद पंजाब कांग्रेस का विवाद फिर सुर्खियों में आ गया।
पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान अब और साफ दिखाई देने लगी है। संगठन से जुड़े जिन मुद्दों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लंबे समय से नाराज चल रहे हैं, उनमें अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं कांग्रेस हाईकमान की ओर से भी इस विवाद को लेकर अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक रुख सामने नहीं आया है।
ऐसे में नेताओं की चुप्पी पार्टी नेतृत्व के लिए दबाव की स्थिति पैदा कर रही है। विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने फतेहगढ़ साहिब से प्रदेशव्यापी हर बूथ मजबूत अभियान की शुरुआत की।
हालांकि इस कार्यक्रम में चन्नी गुट के किसी बड़े नेता की मौजूदगी नहीं रही। इसे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान का संकेत माना जा रहा है। भूपेश बघेल का बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद अभियान आठ अगस्त तक अलग-अलग जिलों में चलेगा। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नाराज नेताओं की सार्वजनिक चुप्पी भी पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है। अगर चुनाव से पहले मतभेदों को दूर नहीं किया गया तो इसका असर संगठन और चुनावी तैयारियों पर पड़ने की आशंका है।
चन्नी गुट की नाराजगी कायम
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, विधायक सुखपाल सिंह खैरा, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और विधायक राणा गुरजीत सिंह समेत इस गुट के नेताओं ने अब तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा है कि पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक चल रहा है।
यह गुट मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया भी कह चुके हैं कि अगर वड़िंग सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलते तो पार्टी में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
नाराज गुट चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग भी कर रहा है।
चन्नी के बेटे की रील से बढ़ी सियासी चर्चा
इस विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे रिदमजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की। इसमें चन्नी और उनके समर्थकों के साथ बातचीत दिखाई गई है।
रील में लिखा था, "कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि हम जवाब नहीं देंगे। तैयारी थोड़ी बड़ी है। सब्र रखो, पल-पल का हिसाब लेंगे।"
इस रील के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। वहीं प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि रिदमजीत सिंह उनके भी बेटे जैसे हैं और परिवार का हिस्सा हैं।
राजा वड़िंग ने दिया एकजुटता का संदेश
प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लगातार पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को फिर चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को अनुभवी बताते हुए उनके प्रति सम्मान जताया।
वड़िंग ने कहा कि अध्यक्ष पद उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण नहीं है। पार्टी चाहे पद ले ले या टिकट न दे, वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।
राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह का कहना है कि वड़िंग के बयान नाराज नेताओं को यह संदेश देने की कोशिश हैं कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी छोड़ना समाधान नहीं है।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि भाजपा और आम आदमी पार्टी नाराज नेताओं के संपर्क में हो सकती हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने एक बार फिर कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक है।
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