पेंशन निकालने पहुंचे थे, खाते में दिखी अरबों की रकम; बैंक ने शुरू की जांच

HIGHLIGHTS
- हरदा के देवपुर गांव में दो आदिवासी परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में करीब 7.40 अरब रुपये की राशि दर्ज होने से हड़कंप मच गया।
- खाताधारक पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की रकम निकालने पहुंचे थे, जहां कियोस्क सेंटर पर खाते में दिखाई दी इतनी बड़ी रकम।
- बैंक ने मामले की जांच शुरू कर दी है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राशि तकनीकी गड़बड़ी है या किसी अन्य कारण से दर्ज हुई है।
हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड स्थित ग्राम देवपुर में बैंक खाते में अचानक अरबों रुपये की राशि दिखाई देने का मामला सामने आया है। आदिवासी परिवार के दो सदस्यों के खातों में इतनी बड़ी रकम दर्ज होने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
परिवार के अनुसार, वे वृद्धावस्था पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की राशि निकालने के लिए कियोस्क सेंटर पहुंचे थे। वहां खाते की जानकारी लेने पर करीब 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये की राशि दर्ज दिखाई दी, जिसे देखकर खाताधारक और कियोस्क संचालक भी हैरान रह गए।
पेंशन और मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे थे खाताधारक
ग्राम देवपुर निवासी आदिवासी बुजुर्ग गुलाब सिंह ठाकुर और उनकी भाभी बैंक खाते से मिलने वाली सरकारी सहायता की राशि निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान कियोस्क सेंटर पर खाते में दर्ज असामान्य रकम का पता चला।
परिवार का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी भी राशि या लेन-देन की कोई जानकारी नहीं है। अचानक खाते में इतनी बड़ी रकम दिखने से वे भी असमंजस में हैं।
मजदूरी और सरकारी योजनाओं पर निर्भर है परिवार
परिवार ने बताया कि उनके पास खुद की कृषि भूमि भी नहीं है। डूब क्षेत्र से विस्थापित होने के बाद वे यहां रह रहे हैं और मजदूरी के साथ सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता के सहारे अपना जीवन चला रहे हैं। ऐसे में खाते में अरबों रुपये की एंट्री उनके लिए किसी रहस्य से कम नहीं है।
बैंक ने शुरू की जांच
मामले की जानकारी मिलने के बाद बैंक अधिकारियों ने खातों और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी राशि तकनीकी त्रुटि के कारण दिखाई दे रही है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि खातों में दर्ज यह रकम वास्तविक है या किसी सिस्टम संबंधी गलती का परिणाम।
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