दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा एक्शन, राजेंद्र भारती छह साल के लिए निष्कासित

HIGHLIGHTS
- राजेंद्र भारती दतिया से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 2023 में नरोत्तम मिश्रा को हराकर चर्चा में आए थे।
- कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने उन पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने के आरोप लगाए थे।
- पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में सजा के बाद राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हुई थी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने से पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला उस समय लिया गया है, जब कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर चुनाव में भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगा रहे थे। पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे थे।
कौन हैं राजेंद्र भारती?
राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति में एक प्रमुख नाम रहे हैं। वह तीन बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बटोरी थीं।
राजेंद्र भारती के पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे हैं। इसी वजह से दतिया में भारती परिवार का मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
हालांकि, इसी साल पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष अदालत से तीन साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके चलते दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। बाद में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी कोशिशों को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वह चुनाव नहीं लड़ पाए।
उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था। मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने और कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों के बाद पार्टी के भीतर राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठने लगी थी। अब मतगणना से पहले कांग्रेस ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर राजनीतिक तौर पर बड़ा संदेश दिया है।
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