देश की अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार, जुलाई में GST कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ के पार

HIGHLIGHTS
- जुलाई में GST संग्रह 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 15.4% ज्यादा है।
- चालू वित्त वर्ष के चार महीनों में कुल GST संग्रह 8.42 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।
- जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती का दौर जारी है। जुलाई महीने में जीएसटी संग्रह से लेकर ऑटोमोबाइल बिक्री तक कई क्षेत्रों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई में जीएसटी संग्रह 2,11,205 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल जुलाई की तुलना में 15.4 प्रतिशत ज्यादा है।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में यह दूसरा मौका है जब जीएसटी संग्रह दो लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। जुलाई के जीएसटी संग्रह में सीजीएसटी का योगदान 39,853 करोड़ रुपये और एसजीएसटी का योगदान 47,881 करोड़ रुपये रहा। वहीं आईजीएसटी से 1,23,490 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ।
सभी तरह के रिफंड को शामिल करने के बाद जुलाई का शुद्ध जीएसटी संग्रह 1,81,237 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष जुलाई के मुकाबले 15.8 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में कुल जीएसटी संग्रह 8.42 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा है।
टैक्स दायरे में बढ़ोतरी का संकेत
टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विस के पार्टनर विवेक जालान का कहना है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 28 में जीएसटी संग्रह बढ़ा है, जो टैक्स बेस के विस्तार को दिखाता है।
जानकारों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया था। इससे इन वस्तुओं की बिक्री में बढ़ोतरी हुई और जीएसटी संग्रह को भी फायदा मिला। इसके अलावा कारों पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से वाहनों की कीमतों में कमी आई, जिससे बिक्री में तेजी देखने को मिली।
कई राज्यों में GST संग्रह बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में हरियाणा के जीएसटी संग्रह में 25 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 15 प्रतिशत, बिहार में नौ प्रतिशत, झारखंड में 16 प्रतिशत, पंजाब में 16 प्रतिशत और गुजरात में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं दिल्ली में जीएसटी संग्रह आठ प्रतिशत बढ़ा। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में (-22) प्रतिशत, उत्तराखंड में (-18) प्रतिशत और मध्य प्रदेश में (-10) प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
यात्री वाहनों की बिक्री में 33 प्रतिशत की तेजी
दूसरी ओर चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही यात्री वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जुलाई में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री 4.65 लाख से 4.7 लाख यूनिट के बीच रहने का अनुमान है। यह पिछले साल जुलाई की बिक्री के मुकाबले करीब 33 प्रतिशत अधिक है।
मारुति सुजुकी की जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री 1,96,203 यूनिट रही, जो पिछले साल जुलाई की तुलना में 43.4 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं हुंडई ने जुलाई में 54,210 यूनिट वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल जुलाई के मुकाबले 23.3 प्रतिशत अधिक है।
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