नेपाल में बाढ़ के बाद पेयजल संकट, 5 सैंपलों में मिला ई कोलाई; बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा

HIGHLIGHTS
- बाढ़ प्रभावित बिदुर नगरपालिका में 15 स्थानों से पानी के नमूने लिए गए।
- पांच सैंपलों में ई कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने की जानकारी सामने आई।
- संबंधित पानी के स्रोतों में क्लोरीन मिला दिया गया है।
काठमांडू। नुवाकोट जिले की बाढ़ प्रभावित बिदुर नगरपालिका में अलग-अलग स्थानों से लिए गए पीने के पानी के 15 सैंपलों में से पांच में ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है।
द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नगरपालिका के सीनियर लैब टेक्नीशियन कृष्ण प्रसाद रिजाल ने बताया कि 15 में से पांच सैंपलों में ई कोलाई मिला है। उन्होंने कहा कि इन पानी के स्रोतों में क्लोरीन मिला दिया गया है।
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब स्वास्थ्य अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैजा और पानी से फैलने वाली अन्य बीमारियों की आशंका को देखते हुए तैयारियां कर रहे हैं।
15 पानी के सैंपलों में से 5 में मिला ई कोलाई
ई कोलाई एक ऐसा बैक्टीरिया है जो गर्म खून वाले जानवरों की आंतों में पाया जाता है और मल में भी मौजूद रहता है। पानी में इसकी मौजूदगी मल की गंदगी मिलने का संकेत माना जाता है। दूषित पानी पीने से हैजा, टाइफाइड, पेचिश, हेपेटाइटिस ए और ई जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
बिदुर उन इलाकों में शामिल है, जो 26 अगस्त को आई भोटेकोशी बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में तीन जिलों में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5000 से ज्यादा लोग लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
अधिकारियों ने बिदुर में 25 होल्डिंग सेंटर बनाए हैं। इनमें कम से कम 2700 बेघर लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ से बस्तियों, सड़कों, पुलों और पानी की व्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण लोगों को जो पानी उपलब्ध हो रहा है, उसी का इस्तेमाल पीने के लिए करना पड़ रहा है।
हैजा और अन्य बीमारियों की रोकथाम की तैयारी
नगरपालिका की सूचना अधिकारी सरला श्रेष्ठ ने कहा कि पीने के पानी की पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध नहीं है। कैंपों तक टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा मंत्रालय करीब एक लाख उच्च जोखिम वाले लोगों को हैजा का टीका लगाने पर विचार कर रहा है।
इसके अलावा 15 साल से कम उम्र के करीब 75,000 बच्चों को खसरा-रूबेला का टीका लगाने की योजना है। अधिकारियों से साफ पानी की व्यवस्था करने और कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।
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