इंडिया ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस: राहुल बोले- लोकतंत्र की बहाली हमारा लक्ष्य

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी के आवास पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की चाय पर बैठक हुई।
- विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
- खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की कथित वोट चोरी की योजना उजागर करने की बात कही।
नई दिल्ली। इंडिया ब्लॉक के 'चलो दिल्ली' मार्च के बाद मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को अपने आवास पर चाय पर बैठक के लिए आमंत्रित किया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास, पवन खेड़ा समेत कई नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन सफल रहा और दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर खड़ा है और यह अलग-अलग प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ही आंदोलन है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को दोबारा बहाल करने की लड़ाई है और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही उनका लक्ष्य है। उनके मुताबिक, देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को बर्बाद कर दिया गया है।
राहुल गांधी ने मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों ने यह सब किया है, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को समझना चाहिए कि अब उनके चारों ओर घेरा कसता जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, ''ऐसा नहीं हो सकता कि आप भारतीय संविधान को नष्ट कर दें और बचकर निकल जाएं।''
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का एकमात्र माध्यम जंतर-मंतर था, लेकिन अब सरकार ने फैसला किया है कि लोकतांत्रिक भावनाएं व्यक्त करने के लिए जंतर-मंतर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस सोच को चुनौती देगा और सरकार के लिए यह तय करना आसान नहीं होगा कि भारतीय लोग अपनी आवाज के लिए संघर्ष नहीं करेंगे।
खरगे बोले- पीएम मोदी की वोट चोरी की योजना उजागर करने को तैयार
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग बहुत कम ही जुटते हैं।
खरगे के मुताबिक, दिल्ली में पहली बार युवा और आम नागरिक अपनी पहल पर इतनी बड़ी संख्या में एकजुट होकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब हर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोट चोरी की योजना को पूरी तरह उजागर करने के लिए तैयार है।
तेजस्वी यादव बोले- मोदी-शाह के इशारे पर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी नेता लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हैं और इसके लिए जो कुर्बानी देनी होगी, वे देने को तैयार हैं। तेजस्वी ने कहा कि यह गांधी जी, लोहिया जी और भगत सिंह का देश है। उनके मुताबिक, कुछ लोग देश की संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेगा।
सुप्रिया सुले बोलीं- इंडिया ब्लॉक पूरी ताकत से एकजुट
एनसीपी-एससीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि इंडिया ब्लॉक पूरी ताकत के साथ एकजुट है और उसका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश में संविधान को कमजोर किया गया है और वह फिलहाल खतरे में है।
सुले ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सभी भारतीयों को जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा के लिए विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति, जो सरकार का प्रतिनिधित्व करता है, इन अधिकारों को कुचलने की कोशिश कर गंभीर गलती कर रहा है। सुले के मुताबिक, अन्याय और दमन के खिलाफ विपक्ष पूरी ताकत से एकजुट है और उसका आंदोलन दिल्ली से लेकर जमीनी स्तर तक जारी रहेगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन
राहुल गांधी के आवास पर हुई चाय पर बैठक को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। उनके मुताबिक, सरकार और चुनाव आयोग लोगों से उनके वोट का अधिकार छीनने पर आमादा हैं। इसी वजह से संघर्ष चल रहा है और आगे भी जारी रहेगा।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, इसलिए वह यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि यह जनता से जुड़ा मुद्दा है और विपक्ष लोगों के लिए यह लड़ाई लड़ रहा है।
बर्क ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते और चुनाव आयोग की व्यवस्था में बदलाव नहीं होता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने भी चाय पर बैठक को लेकर एक्स पर कहा था कि बैठक के बाद सभी नेता एक साथ मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के बाद विपक्ष की बैठक
राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।
याचिका में एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से लिए गए फैसलों और उन्हें लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में बताईं 14 खामियां
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की याचिका में 14 खामियां बताई हैं। याचिका में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े कुछ पहलुओं को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, माकपा सांसद एमए बेबी, भाकपा नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, एनसीपी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाने पर स्पष्टीकरण मांगा
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों एसएस संधू तथा विवेक जोशी को याचिका में प्रतिवादी क्यों बनाया है।
संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका के संदर्भ में यह आपत्ति उठाई गई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अन्य राहतों के साथ यह मांग भी की है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसले लेने और उन्हें लागू करने के तरीके की जांच की जाए।
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