बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाएगा Apple, एडल्ट वेबसाइटों पर लगेगी रोक

HIGHLIGHTS
- Apple बच्चों के अकाउंट में उम्र के अनुसार सुरक्षा सेटिंग्स उपलब्ध करा रहा है।
- 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए एडल्ट कंटेंट सीमित करने पर जोर है।
- ‘Limit Adult Websites’ फीचर वयस्क वेबसाइटों तक पहुंच रोकने में मदद करता है।
बच्चों को इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील और उम्र के लिहाज से अनुचित सामग्री से बचाने के लिए Apple अपने डिवाइस में सुरक्षा सुविधाओं को मजबूत कर रहा है। कंपनी उम्र के अनुसार अकाउंट और डिवाइस की सेफ्टी सेटिंग्स उपलब्ध करा रही है, जिनकी मदद से एडल्ट वेबसाइटों तक पहुंच सीमित की जा सकती है। इसके साथ ही माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम, ऐप्स, गेम्स और इंटरनेट इस्तेमाल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।
इस व्यवस्था में 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए एडल्ट कंटेंट को सीमित करने पर ध्यान दिया गया है। वहीं, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कुछ अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं भी दी गई हैं। इनमें नई वेबसाइट खोलने से पहले माता-पिता की अनुमति लेने का विकल्प शामिल है।
उम्र के अनुसार मिलेंगी सेफ्टी सेटिंग्स
Apple बच्चों के अकाउंट में उनकी उम्र के आधार पर सुरक्षा सेटिंग्स लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को उम्र के अनुकूल डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराना और उन्हें अनुचित कंटेंट से दूर रखना है।
इन सेटिंग्स के जरिए एडल्ट वेबसाइटों तक पहुंच सीमित करने के साथ ऐप्स, गेम्स और अन्य डिजिटल सामग्री के लिए उम्र की सीमा भी निर्धारित की जा सकती है। इससे माता-पिता बच्चों के डिवाइस पर उपलब्ध कंटेंट को नियंत्रित कर सकेंगे।
एडल्ट वेबसाइटों को ब्लॉक करने की सुविधा
Apple का ‘Limit Adult Websites’ फीचर बच्चों की वेब ब्राउजिंग के दौरान वयस्कों के लिए बनाई गई वेबसाइटों तक पहुंच सीमित करने में मदद करता है। यह सुविधा उन अभिभावकों के लिए उपयोगी है, जो चाहते हैं कि बच्चे इंटरनेट इस्तेमाल करते समय अनुचित सामग्री से दूर रहें।
हालांकि, कंटेंट फिल्टर के जरिए हर वेबसाइट या सभी तरह की अनुचित सामग्री की पहचान होने की गारंटी नहीं है। ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए डिवाइस की सेटिंग्स के साथ माता-पिता की निगरानी भी जरूरी है।
13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ‘Ask to Browse’
छोटे बच्चों की इंटरनेट ब्राउजिंग पर अभिभावकों का नियंत्रण बढ़ाने के लिए Apple ने ‘Ask to Browse’ फीचर भी दिया है। इसके तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों को नई वेबसाइट खोलने से पहले माता-पिता की अनुमति लेनी पड़ सकती है।
इस सुविधा से अभिभावक तय कर सकेंगे कि बच्चा किस वेबसाइट पर जा सकता है। इससे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और अनजान या अनुचित वेबसाइटों तक उनकी पहुंच सीमित करने में मदद मिल सकती है।
संवेदनशील फोटो और वीडियो पर मिलेगी चेतावनी
Apple का ‘Communication Safety’ फीचर बच्चों को संवेदनशील तस्वीरों और वीडियो से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। संवेदनशील सामग्री की पहचान होने पर यह फीचर चेतावनी दे सकता है और तस्वीर या वीडियो को धुंधला करके दिखा सकता है।
इसका मकसद बच्चों को अचानक ऐसी सामग्री देखने से बचाना है, जो उनकी उम्र के अनुकूल नहीं है। यह सुविधा उन्हें ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में भी मदद कर सकती है।
स्क्रीन टाइम और ऐप्स पर भी रहेगा नियंत्रण
Apple के पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स की मदद से माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम, ऐप्स और गेम्स के इस्तेमाल को सीमित कर सकते हैं। इसके अलावा, उम्र के आधार पर डिजिटल कंटेंट की उपलब्धता नियंत्रित करने के विकल्प भी दिए गए हैं।
इन सुविधाओं के जरिए अभिभावक बच्चों के डिवाइस इस्तेमाल करने का समय तय कर सकते हैं। साथ ही, वे यह भी सीमित कर सकते हैं कि बच्चे किन ऐप्स और किस तरह की सामग्री तक पहुंच सकें। इससे बच्चों की डिजिटल आदतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा क्यों है जरूरी?
बच्चे पढ़ाई, मनोरंजन और दोस्तों से बातचीत के लिए तेजी से डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उनके सामने उम्र के अनुकूल न होने वाली सामग्री आने का जोखिम भी बना रहता है। पैरेंटल कंट्रोल और कंटेंट फिल्टर इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
Apple की उम्र आधारित सुरक्षा व्यवस्था इसी दिशा में एक कदम है। हालांकि, कोई भी तकनीकी सुविधा बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद हर तरह के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सकती। इसलिए डिवाइस की सुरक्षा सेटिंग्स के साथ बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में समझाना और उनके इंटरनेट इस्तेमाल पर नजर रखना भी जरूरी है।
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