NEET पेपर लीक केस की फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जज का 10 दिन में तबादला, अब अजय गुप्ता संभालेंगे कमान

HIGHLIGHTS
- जज अनु ग्रोवर बालीगा ने 25 जुलाई को फास्ट-ट्रैक कोर्ट का कार्यभार संभाला था।
- सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
- सोमवार को कोर्ट आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और जमानत याचिकाओं पर विचार करेगी।
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से गठित फास्ट-ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का 10 दिन के भीतर ही तबादला कर दिया गया है।
अब अजय गुप्ता संभालेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी
दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से शनिवार को जारी 137 न्यायिक अधिकारियों की तबादला सूची में विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का नाम भी शामिल है। उन्होंने 25 जुलाई को फास्ट-ट्रैक कोर्ट का कार्यभार संभाला था, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद ही उनका तबादला कर दिया गया।
अब नीट समेत अन्य पेपर लीक मामलों की सुनवाई कर चुके विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ताजा आदेश के अनुसार, जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला एनआईए अधिनियम के तहत आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में किया गया है। वह अब एनआईए, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और एनडीपीएस से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाले अन्य न्यायाधीशों में विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचला, किरण बंसल और अमित बंसल शामिल हैं।
पीएम मोदी के निर्देश पर हुआ था फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन
23 जुलाई की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उसी दिन शाम को देश का पहला फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किया और इसकी जिम्मेदारी जज अनु ग्रोवर बालीगा को सौंपी थी।
25 जुलाई को कार्यभार संभालने के बाद जज अनु ग्रोवर ने 27 जुलाई को मामले में पहली सुनवाई की थी। हालांकि, सीबीआई की ओर से अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण पहली ही सुनवाई टल गई थी।
आरोपपत्र पर सोमवार को होगी सुनवाई
इसके बाद सीबीआई ने मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। जज अनु ग्रोवर ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और दो आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के लिए मामले को तीन अगस्त के लिए निर्धारित किया था।
अब सोमवार को विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर विचार करेंगे।
गौरतलब है कि तीन मई को आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच तीन मई की परीक्षा रद्द कर दी थी। बाद में परीक्षा का आयोजन 21 जून को दोबारा कराया गया था।
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