भूस्खलन से सिक्किम की सुरंग में बड़ा हादसा, 12 श्रमिक अंदर फंसे; रेस्क्यू जारी

HIGHLIGHTS
- सिक्किम के नामची जिले में भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन समरदुंग सड़क सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया, जिसमें कम से कम 12 श्रमिक फंस गए।
- सुरंग के अंदर प्राकृतिक गैस रिसाव की आशंका के चलते बचाव अभियान में सावधानी बरती जा रही है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई टीमें मौके पर जुटी हैं।
- गैस की जांच और सुरक्षा उपायों के बाद बचाव दल फंसे श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, प्रशासन ने अभी किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है।
सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को बड़ा हादसा सामने आया। भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन समरदुंग सड़क सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया, जिससे सुरंग के अंदर काम कर रहे कम से कम 12 श्रमिक फंस गए। हालात उस समय और चुनौतीपूर्ण हो गए जब सुरंग के भीतर प्राकृतिक गैस रिसाव की आशंका जताई गई। गैस की मौजूदगी के कारण बचाव अभियान को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने कई एजेंसियों की टीमों को मौके पर तैनात कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
पटेल इंजीनियरिंग की सुरंग में हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना पटेल इंजीनियरिंग द्वारा तीस्ता चरण-छह जलविद्युत परियोजना के लिए बनाई जा रही सुरंग के अंदर हुई। भूस्खलन के बाद सुरंग का एक हिस्सा ढह गया या मलबे से बंद हो गया, जिससे अंदर मौजूद श्रमिक बाहर नहीं आ सके।
अधिकारियों के अनुसार, भूमिगत चट्टानों और भूस्तरों में बदलाव के कारण प्राकृतिक गैस निकलने की आशंका है। इसी वजह से सुरंग के अंदर पहुंचने में बचाव दल को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस रिसाव बनी बचाव अभियान की बड़ी चुनौती
सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल से पहुंचे एक बचाव दल के कुछ सदस्यों को फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के प्रयास के दौरान चक्कर आने लगे। कथित तौर पर गैस के संपर्क में आने के कारण कुछ कर्मियों के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
फंसे हुए श्रमिकों की संख्या को लेकर अभी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शुरुआती रिपोर्टों में यह संख्या 12 से 20 के बीच बताई जा रही है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई टीमें राहत कार्य में जुटीं
घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं।
सुरंग के अंदर गैस की आशंका को देखते हुए गैस मास्क और जरूरी सुरक्षा उपकरणों से लैस बचावकर्मियों को भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिना सुरक्षा इंतजाम के सुरंग में प्रवेश करना राहत कर्मियों के लिए भी खतरा हो सकता है। इसलिए पहले अंदर गैस की स्थिति की जांच की जा रही है और इसके बाद श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
समरदुंग सुरंग परियोजना से जुड़ी जानकारी
अधिकारियों के अनुसार, समरदुंग सुरंग एक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का हिस्सा है और यहां निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार दोपहर अचानक हुए भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश मार्ग पूरी तरह मलबे से भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे श्रमिक फंस गए।
प्रशासन ने अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है। बचाव दल का मुख्य लक्ष्य सुरंग के अंदर फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
श्रमिकों की स्थिति पर नजर
अधिकारियों ने अब तक सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। समरदुंग सुरंग रंगपो के पास निर्माणाधीन तीस्ता चरण-छह जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। बचाव टीमें लगातार श्रमिकों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं, जबकि प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।
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