SRFTI विवाद में नसीरुद्दीन शाह की एंट्री से बढ़ा घमासान, 6 छात्र एक साल के लिए निष्कासित

HIGHLIGHTS
- SRFTI कैंपस में हंगामे, तोड़फोड़ और वीसी के साथ मारपीट के आरोपों से विवाद बढ़ा।
- नसीरुद्दीन शाह और फिल्ममेकर पायल कपाड़िया ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया।
- भाजपा प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने शाह के बयान की आलोचना करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
कोलकाता। कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में हंगामे, तोड़फोड़ और वाइस चांसलर (VC) संतोष अजमेरा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस विवाद में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
क्या है SRFTI विवाद का पूरा मामला?
SRFTI प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, कैंपस में विवाद की शुरुआत 27 सितंबर को हुई थी। आरोप है कि कुछ छात्र बिना अनुमति एक कार्यक्रम में घुस गए और वहां हंगामा करते हुए मारपीट की। इसके बाद 4 अक्टूबर को करीब 250 छात्रों ने संस्थान के वीसी संतोष अजमेरा को मुख्य गेट पर रात 11 बजे तक बंधक बनाए रखा।
वीसी के कार्यालय में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अक्टूबर से 50-60 छात्रों ने दो दिनों तक वीसी के कार्यालय पर कब्जा बनाए रखा। इस दौरान उनकी कुर्सी और कमरे में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद 15 अक्टूबर को एक छात्र पर वीसी के साथ हाथापाई करने का आरोप लगा। अगले दिन उनके कार्यालय पर पथराव भी किया गया।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद
संस्थान प्रशासन का कहना है कि कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए थे। इनमें छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर CCTV कैमरे लगाना, बाउंड्री की ऊंचाई बढ़ाना और फेंसिंग करना शामिल था। प्रशासन के अनुसार, छात्रों के एक वर्ग ने इन उपायों का विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ा।
नसीरुद्दीन शाह ने किया प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन
इस विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के एक वीडियो संदेश के जरिए प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बंगाल चुनावों के बाद भाजपा अपनी नीतियों का विरोध करने वालों से बदला लेने की कोशिश कर रही है।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि छात्रों को डराने और उनका ब्रेनवॉश करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इन कोशिशों में सफलता नहीं मिलेगी। फिल्ममेकर पायल कपाड़िया ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है।
भाजपा ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर जताई आपत्ति
अभिनेता के बयान के बाद भाजपा सांसद और प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि शाह का बयान किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश या विदेशी ताकतों और विपक्षी दलों के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
वहीं, संस्थान से जुड़े सूत्रों ने नसीरुद्दीन शाह के बयानों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि शाह इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े पक्ष नहीं हैं और न ही इस विवाद में उनका कोई हित जुड़ा है। सूत्रों ने यह भी कहा कि ऐसे बयानों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
SRFTI प्रशासन की कार्रवाई, 6 छात्र एक साल के लिए निष्कासित
हिंसा और अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर SRFTI प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गंभीर दुर्व्यवहार के आरोप में छह छात्रों को एक साल के लिए संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है।
इसके अलावा, कैंपस में शांति और सुरक्षा बहाल करने तथा पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के उद्देश्य से 13 नवंबर तक कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.