हिसार में गोयनका का पार्थिव शरीर ला रहा विमान गलत रनवे पर उतरा, बड़ा हादसा टला

HIGHLIGHTS
- हिसार में चार्टर्ड विमान की लैंडिंग को लेकर बड़ा मामला सामने आया, नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर लेकर आया विमान गलती से बंद पड़ी पुरानी हवाई पट्टी पर उतर गया।
- लैंडिंग के दौरान रनवे की लाइटें और विमान के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हुए, मामले की जांच एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन टीम को भेजी गई है।
- योग गुरु स्वामी रामदेव के हेलीकॉप्टर को रिफ्यूलिंग नहीं मिल सकी, करीब तीन घंटे इंतजार के बाद उन्हें सड़क मार्ग से हरिद्वार लौटना पड़ा।
हिसार। हरियाणा के हिसार में मंगलवार को हवाई सेवाओं से जुड़ी दो घटनाओं ने एयरपोर्ट व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। पहली घटना में उद्योगपति डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता और समाजसेवी नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर लेकर मुंबई से आया चार्टर्ड विमान गलती से बंद पड़ी पुरानी हवाई पट्टी पर उतर गया। वहीं, दूसरी घटना में श्रद्धांजलि देने पहुंचे योग गुरु स्वामी रामदेव के हेलीकॉप्टर को ईंधन नहीं मिलने के कारण कई घंटे इंतजार करना पड़ा और उन्हें सड़क मार्ग से वापस लौटना पड़ा।
बंद रनवे पर उतरा चार्टर्ड विमान
जानकारी के अनुसार, नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर लेकर आया चार्टर्ड विमान सक्रिय रनवे की जगह पुरानी बंद हवाई पट्टी पर लैंड कर गया। इस पट्टी को पहले ही बंद कर दिया गया था और वहां क्रॉस का निशान भी लगाया गया था।
लैंडिंग के दौरान विमान के इंजन के ब्लेड रनवे क्षेत्र में लगे उपकरण से टकरा गए। इसके अलावा विमान की कुछ नाइट लैंडिंग लाइटें भी क्षतिग्रस्त हुईं। बताया जा रहा है कि हादसे में करीब 11 कैट-आई लाइटें उखड़ गईं। विमान में डॉ. सुभाष चंद्रा के भाई अशोक गोयनका, एक अन्य व्यक्ति और दो पायलट मौजूद थे।
पायलट की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें एयर ट्रैफिक सर्विस (एटीएस) से गलत जानकारी मिली थी। वहीं, एयरपोर्ट प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन टीम को भेज दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गलती पायलट स्तर पर हुई या एटीएस की ओर से कोई चूक रही।
पहले विमान ने सही रनवे पर की थी लैंडिंग
बताया जा रहा है कि गोयनका परिवार का एक अन्य चार्टर्ड विमान कुछ समय पहले निर्धारित रनवे पर सुरक्षित उतर चुका था। इसके बाद पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे दूसरे विमान ने बंद पड़ी पुरानी पट्टी पर लैंडिंग कर दी।
पुरानी हवाई पट्टी पहले करीब 1200 मीटर लंबी थी, लेकिन निर्माण कार्य के बाद इसकी लंबाई घटकर लगभग 900 मीटर रह गई थी। बाद में इसे स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। लैंडिंग के बाद विमान मुख्य रनवे से करीब 400 मीटर दूर जाकर रुका।
ईंधन नहीं मिलने से परेशान हुए स्वामी रामदेव
इसी बीच, नंद किशोर गोयनका को श्रद्धांजलि देने पहुंचे योग गुरु स्वामी रामदेव के हेलीकॉप्टर को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति मिलने के बाद भी उसमें रिफ्यूलिंग की व्यवस्था नहीं हो सकी।
जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी और बीपीसीएल की ओर से प्रयास किए गए, लेकिन शाम तक ईंधन उपलब्ध नहीं हो पाया। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद अंधेरा होने से पहले हरिद्वार पहुंचने के लिए स्वामी रामदेव सड़क मार्ग से रवाना हो गए।
नंद किशोर गोयनका का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 11 बजे अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में किया जाएगा।
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