सबरीमाला सोना विवाद: केरल भाजपा ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

तिरुवनंतपुरम। केरल भाजपा ने सोमवार को सबरीमाला मंदिर में सोने से जुड़े विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। पार्टी ने अयप्पा भक्तों से एक करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का अभियान शुरू किया है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की जा सके। यह अभियान मलयालम महीने वृश्चिकम के पहले दिन शुरू हुआ, जब सबरीमाला में वार्षिक तीर्थयात्रा की शुरुआत होती है। अभियान का शुभारंभ तिरुवनंतपुरम के पाझवंगड़ी गणपति मंदिर के सामने भाजपा के राज्य महासचिव एस. सुरेश ने किया।
भक्तों के हस्ताक्षर प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे। इस दौरान एस. सुरेश ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के अयप्पा भक्तों से भी अपील की कि वे इस अभियान में शामिल हों। उन्होंने कहा कि 'सबरीमाला की रक्षा के लिए एकजुट होना जरूरी है। यह केवल सोने की चोरी का मामला नहीं है, बल्कि मंदिर के पवित्र स्थल को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा है।'
भाजपा नेता ने केरल की पिछली एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों पर आरोप लगाया कि वे सबरीमाला को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं, और यह सब गुप्त रूप से एजेंटों व बिचौलियों के जरिए किया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय मंच पर लाना आवश्यक है और हस्ताक्षर अभियान इसी दिशा में पहला कदम है। सोमवार से राज्य के कई हिस्सों में हस्ताक्षर संग्रह शुरू हो गया, और पार्टी कार्यकर्ता दक्षिण भारत के कई राज्यों में घर-घर और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाएंगे।
इसके अलावा, कुछ दिन पहले भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने घोषणा की थी कि सबरीमाला में सोने से जुड़े कामों में अनियमितताएं हुई हैं और यात्रियों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड की पिछले 30 वर्षों की गतिविधियों का विशेष ऑडिट कराने की मांग सीएजी से की है।
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