राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने तीर्थ क्षेत्र भवन में मुलाकात की, पद छोड़ने के बाद दोनों की यह पहली बैठक बताई जा रही है।
- चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने एसआईटी को पत्र भेजकर दान गणना प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
- चंपत राय ने एसबीआई और ट्रस्ट सदस्य रहे अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल खड़े किए, जबकि ट्रस्ट और एसआईटी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले के बीच बुधवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। दोनों के बीच तीर्थ क्षेत्र भवन में बंद कमरे में करीब बातचीत हुई। चंपत राय के पद से हटने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात बताई जा रही है।
इससे पहले चंपत राय ने एक पत्र जारी कर कहा था कि विशेष जांच दल (SIT) की जांच पूरी होने के बाद वह पूरे मामले से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में भी वह शामिल नहीं हुए थे।
चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने उठाए सवाल
मामले पर लंबे समय बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चंपत राय ने एसआईटी को भेजे गए पत्र में दान राशि की गणना प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। वायरल हो रहे पत्र में उन्होंने इस पूरे प्रकरण में ट्रस्ट सदस्य रहे डॉ. अनिल मिश्रा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
चंपत राय ने एसआईटी से आग्रह किया है कि उनके बयान को जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि दान की गणना से जुड़े दिशा-निर्देशों को लेकर वह सहमत नहीं थे और इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया।
गणना प्रक्रिया के दस्तावेज पर जताई आपत्ति
पत्र में चंपत राय ने 6 फरवरी 2025 को जारी किए गए गणना प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देशों का जिक्र किया है। उनके मुताबिक, यह दस्तावेज ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और एसबीआई अयोध्या शाखा के मुख्य प्रबंधक के हस्ताक्षर से जारी हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस दस्तावेज की जानकारी 13 जून को ट्रस्ट के अकाउंट कार्यालय से मिली।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगस्त 2020 से जून 2025 तक ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं के बीच हुए अहम समझौतों पर उनके हस्ताक्षर रहे हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर उनसे हस्ताक्षर नहीं कराए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
चंपत राय ने अपने पत्र में 9 फरवरी 2024 को ट्रस्ट और एसबीआई के बीच हुए एमओयू का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस समझौते में दान की गणना प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और लोहे की जाली वाले दरवाजे जैसी व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया था।
हालांकि, वायरल हो रहे इस पत्र को लेकर अभी तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या एसआईटी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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