जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में धरना, सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- नीलम सिंह यादव समर्थकों के साथ प्रयागराज से रामपुर पहुंचकर गांधी समाधि पर धरने पर बैठी थीं।
- पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन और धारा 163 के उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
- सभी आरोपितों को थाने से जमानत मुचलका भरवाकर बाद में रिहा कर दिया गया।
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर गांधी समाधि पर धरना देने पहुंचीं सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव नीलम सिंह यादव और उनके समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बिना अनुमति धरना देने और निषेधाज्ञा बीएनएस की धारा 163 (पूर्व में आईपीसी की धारा 144) के उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि बाद में सभी को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया।
सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रयागराज से रामपुर पहुंचीं और समर्थकों के साथ गांधी समाधि पर बैनर लगाकर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने को लेकर कई दिनों से इंटरनेट मीडिया पर कार्यक्रम प्रसारित किया जा रहा था। इसमें जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश वापस होने तक आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई थी।
हालांकि, इस कार्यक्रम की जानकारी स्थानीय सपा नेताओं को नहीं थी। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। नगर मजिस्ट्रेट सालिक राम और उप जिलाधिकारी हर्षवर्धन मौके पर पहुंचे। इसके अलावा महिला थाना और शहर कोतवाली पुलिस भी वहां पहुंच गई।
पुलिस और प्रशासन ने धरने पर बैठे लोगों को वहां से हटाया और उन्हें महिला थाने ले जाया गया। इसी दौरान जानकारी मिलने पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू भी मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को पकड़कर कोतवाली ले गई।
पुलिस ने महिला सभा की प्रदेश सचिव के अलावा उनके साथ आए जौनपुर के मुहल्ला मथली पट्टी सराय ख्वाजा निवासी संदीप मौर्या, बागपत के मविकला निवासी आरिफ, भोजपुर मुरादाबाद निवासी आरिफ खां और मुहल्ला पीपलसाना भोजपुर निवासी साने आलम को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें कुछ अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।
यह प्राथमिकी महिला उप निरीक्षक नीशू कुमारी की ओर से दर्ज कराई गई है। हालांकि सभी आरोपितों को थाने से ही जमानत मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू है और धरने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन किया गया, जिससे जाम की स्थिति बनी। इसी कारण पुलिस ने कार्रवाई की।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.