सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपी कोर्ट में पेश, ACB ने की थी गिरफ्तारी

HIGHLIGHTS
- मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज हुई थी।
- ईडी ने टेंडर में 10 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ का दावा किया।
- अधिकारियों को 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत दिए जाने का आरोप है।
नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने मंगलवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में तत्कालीन डीजेबी सीईओ और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।
एसीबी ने सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। इस दौरान जैन ने कहा, 'यह पंजाब चुनावों की वजह से किया गया है।' एसीबी ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में सुनवाई शुरू हुई। जैन की ओर से एन हरिहरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। एसीबी ने सत्येंद्र जैन के लिए न्यायिक हिरासत की मांग की, जबकि एक आरोपी के लिए पुलिस कस्टडी की मांग की गई।
जैन की ओर से एन हरिहरन ने कहा, 'एसीबी ने पहले जांच के लिए बुलाया फिर गिरफ्तार कर लिया। ईडी के आरोप पत्र की कॉपी के जरिए एसीबी गिरफ्तार कर रही है जबकि ईडी ने इसी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है। बिना किसी गिरफ्तारी किए। अब वह सीधे ज्यूडिशियल कस्टडी की मांग कर रहे हैं। कोई नोटिस नहीं दिया गया। बस एक फोन कॉल आया। आपने 2024 में केस दर्ज किया अब 2026 में गिरफ्तार कर रहे हैं, जबकि इससे पहले जांच के समय 2022 में मैं खुद ईडी की कस्टडी में था। फिर भी पूछताछ नहीं की गई। मुझे 5 अगस्त और 18 अगस्त को बिना नोटिस बुलाया गया।' उन्होंने इसे पूरी तरह अवैध गिरफ्तारी बताया।
क्या है पूरा मामला
एसीबी के प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के अनुसार, निजी पक्ष और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में प्रतिबंधात्मक टेंडर शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान की जानकारी सामने आई है। बाद में इनमें से कुछ शर्तों को टेंडर में शामिल किया गया। इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी। पूरे लेनदेन और अपराध से अर्जित रकम की जांच अभी जारी है।
अधिकारियों को 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत का दावा
ईडी के मुताबिक, यूरोटेक को टेंडर में हेराफेरी के जरिए 10 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ मिला। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों को नकदी, हवाला और फर्जी इनवॉयस के माध्यम से 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। 17.70 करोड़ रुपये के इस घोटाले में ईडी 15.36 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
तत्कालीन सीईओ ने रिश्वत से खरीदी अचल संपत्ति
एसीबी का दावा है कि तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के जरिए करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। जांच में इस रकम को रिश्वत बताया गया है। एजेंसी के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एएन एंटरप्राइजेज के खाते में यह राशि यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के जरिए पहुंचने की बात भी सामने आई है।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर आप ने भाजपा को घेरा
आम आदमी पार्टी ने पंजाब के सह प्रभारी और पूर्व दिल्ली जल मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया और भाजपा पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले जैन की गिरफ्तारी का उद्देश्य चुनाव को प्रभावित करना है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'एसीबी के एक अधिकारी ने बताया- सुबह तक एसीबी का सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह जी का सीधे फोन आया कि गिरफ्तार कर लो। तब गिरफ्तार किया। जाहिर है कि अब गिरफ्तारी इस बात से नहीं होती कि किसी ने कोई गुनाह किया है या नहीं बल्कि इस बात से होती है कि वे दोनों किसे गिरफ्तार करना चाहते हैं।'
'भाजपा के पाप का घड़ा भर चुका'
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्येंद्र जैन को एक बार फिर झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछला मामला भी फर्जी था और यह मामला भी फर्जी साबित होगा, लेकिन जेल में बिताए समय और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के पाप का घड़ा भर चुका है और मोदी सरकार का अंत तय है।
'जैन की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट दिखाती है'
पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले जैन की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट दिखाती है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव से पहले भी आप नेताओं को गिरफ्तार कर चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया गया था और अब पंजाब में वही रणनीति अपनाई जा रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा- कुर्सी बदल सकती है, फाइलें नहीं
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर कहा कि सत्ता जवाबदेही को टाल सकती है, लेकिन उसे मिटा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड की एसटीपी टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के मामले में अब पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी हुई है। उनके मुताबिक, कुर्सी बदल सकती है, लेकिन फाइलें वहीं रहती हैं और आखिरकार जवाबदेही तय होती है।
करीब दो साल जेल में रहे थे सत्येंद्र जैन
इससे पहले सत्येंद्र जैन को ईडी ने 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ था। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 18 अक्तूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। इसके बाद वह 872 दिन तिहाड़ जेल में रहने के बाद बाहर आए थे।
जेल में रहने के दौरान सत्येंद्र जैन पर वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप भी लगे थे। ईडी ने अदालत में एक हलफनामा और कुछ तस्वीरें पेश कर इसकी शिकायत की थी। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में सत्येंद्र जैन को कई तरह की सुविधाएं मिल रही थीं। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए उनकी तबीयत खराब होने की बात कही थी।
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