विजय के सीएम बनने की राह में बड़ा रोड़ा, बॉडीगार्ड की क्रिप्टिक पोस्ट वायरल

तमिलनाडु में चुनाव परिणाम आने के चार दिन बाद भी राजनीतिक स्थिति साफ नहीं हो पाई है और सरकार गठन को लेकर असमंजस बना हुआ है। इसी बीच अभिनेता से नेता बने और टीवीके प्रमुख विजय थलापति की संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर सियासी तनाव और बढ़ गया है।
एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय थलापति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विजय ने उनकी पार्टी के समर्थन का एक फर्जी पत्र राज्यपाल को सौंपा है। दिनाकरन ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही है। इस विवाद के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है कि क्या यही कारण है कि टीवीके अब तक सरकार गठन की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका नहीं निभा पा रही है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की हलचल भी देखने को मिली, जब विजय थलापति के निजी बॉडीगार्ड अरुण सुरेश की एक इंस्टाग्राम स्टोरी सामने आई। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना लिखा कि “कठिन लड़ाइयों के बाद ही अच्छे परिणाम मिलते हैं” और “आत्मविश्वास बनाए रखें, सब अच्छा होगा।” इस पोस्ट के बाद समर्थकों के बीच कयास लगाए जाने लगे कि यह संदेश कहीं न कहीं विजय के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा संकेत हो सकता है।
विजय थलापति का राजनीतिक सफर अभी तक आसान नहीं रहा है। उन्होंने 2024 में राजनीति में कदम रखते हुए टीवीके पार्टी का गठन किया और जनता से सीधा जुड़ाव बनाने की कोशिश की। हालांकि 27 सितंबर 2025 को करूर में हुई एक रैली उनके लिए बड़ा विवाद बन गई, जब वहां भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विजय ने मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।
इस मामले में उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज हुई थी। पुलिस ने पार्टी के जिला सचिव और अन्य आयोजकों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई और एजेंसी ने दिल्ली में विजय से पूछताछ भी की।
राजनीतिक दबाव के बीच उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म “जन नायकन” भी अब तक रिलीज नहीं हो सकी है। फिल्म सेंसर प्रक्रिया से लेकर कानूनी अड़चनों और विरोध के चलते लंबे समय से अटकी हुई है और हाल ही में इसके ऑनलाइन लीक होने की खबर ने भी विवाद को और बढ़ा दिया है।
तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में एक ओर सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर विजय थलापति से जुड़े विवाद और बयानबाजी ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
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