जंतर-मंतर पर वांगचुक का अनशन जारी, महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की चुप्पी पर उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और युवाओं से संवाद नहीं करने पर सवाल उठाए।
- सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
- अनशन के 20वें दिन वांगचुक ने कहा कि वह 20 जुलाई तक अनशन जारी रखेंगे, जबकि डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वांगचुक देश की युवा पीढ़ी के भविष्य की सुरक्षा के लिए अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से केंद्र सरकार की ओर से बातचीत नहीं करना औपनिवेशिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार का युवाओं की समस्याओं को लेकर इस तरह उदासीन रहना चिंता का विषय है।
उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन का जिक्र करते हुए कहा कि वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि जंतर-मंतर पर कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से नीट परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था। वहीं, सोनम वांगचुक 28 जून से इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और इसके बाद से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
प्रदर्शनकारी संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा परीक्षा में अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है। संगठन की ओर से 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान भी किया गया है।
वहीं, अनशन के 20वें दिन सोनम वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी स्थिति में 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। डॉक्टरों ने उनकी लगातार बिगड़ रही स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने लंबे समय तक अनशन जारी रहने पर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई है। हालांकि, वांगचुक ने सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने तक अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है।
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