भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम चयन और रणनीति को लेकर अहम संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के ज्यादा मौके नहीं मिले हैं और उन्हें आगे और अवसर दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
साई सुदर्शन को लेकर गंभीर का समर्थन
गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि साई सुदर्शन ने सीमित मौकों में अपनी क्षमता दिखाई है, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए। उन्होंने बताया कि सुदर्शन ने अधिकतर मैच इंग्लैंड में खेले हैं और उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें लगातार मौके दिए जाने चाहिए।
गंभीर ने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी का आकलन केवल कुछ मैचों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आईपीएल में सुदर्शन के 700 से अधिक रन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह खराब फॉर्म में नहीं हैं और उन्हें सही निरंतरता की जरूरत है।
श्रीलंका दौरे के लिए स्पिन रणनीति पर फोकस
कोच गंभीर ने आगामी श्रीलंका टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखते हुए टीम की स्पिन रणनीति पर भी बात की। उन्होंने संकेत दिया कि टीम चार स्पिनरों के विकल्प तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवा स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दुबे के बीच बाएं हाथ के स्पिनर के तौर पर चयन को लेकर प्रतिस्पर्धा है। गंभीर के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों की शैली में कुछ समानताएं हैं, लेकिन गेंदबाजी में विविधता भी देखने को मिलती है।
गंभीर ने कहा कि श्रीलंका दौरे पर टीम को चार स्पिनरों के साथ उतरने की योजना है, जबकि न्यूजीलैंड जैसे दौरों के लिए रणनीति अलग होगी। उन्होंने जोर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में बेहतर और परिस्थितियों के अनुसार तैयारी बेहद जरूरी है।
ऋषभ पंत की भूमिका पर भी दी प्रतिक्रिया
टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋषभ पंत को टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाए जाने के फैसले पर भी गौतम गंभीर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पंत को पूरा समर्थन प्राप्त है, लेकिन उन्हें खेल की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता है।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम पंत की आक्रामक शैली को बदलना नहीं चाहती, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के लिए परिस्थितियों का सम्मान करना बेहद जरूरी है।