भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) ने बड़ा कदम उठाते हुए द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जैवलिन कोच नवल सिंह को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उन पर लगे मानसिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोपों के बाद की गई है। PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने रविवार को इस फैसले की पुष्टि की।

यह मामला तब सामने आया जब दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता सुमित अंतिल ने कोच नवल सिंह पर मानसिक दबाव डालने और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगाए थे। इस संबंध में उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।

सुमित अंतिल की शिकायत को कई शीर्ष एथलीट्स का समर्थन भी मिला, जिनमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा का नाम भी शामिल है। बताया गया कि 10 अप्रैल को सौंपी गई लिखित शिकायत में कई खिलाड़ियों ने कोच के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई थी और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इससे पहले साई स्तर पर दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोशिश भी की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।

नवल सिंह, जिन्हें पिछले वर्ष द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था, भारतीय जैवलिन थ्रो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से जुड़े रहे हैं। हालांकि लगातार बढ़ते विवाद और शिकायतों के बाद PCI ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया।

इसी बीच ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मानसिक उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए और ऐसे मामलों में सच्चाई सामने आनी चाहिए।

बजरंग पुनिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सुमित अंतिल द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि खेल जगत में पारदर्शिता बनी रहे और खिलाड़ियों का भरोसा कायम रहे।