लखनऊ। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक (131वां संविधान संशोधन विधेयक) पर बनी स्थिति के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम का असर भाजपा की आंतरिक रणनीति और प्राथमिकताओं पर भी दिखाई देने लगा है।

पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से प्रदेश संगठन के पुनर्गठन और योगी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। शीर्ष नेतृत्व और संगठन पदाधिकारियों के बीच लगातार बैठकों के बाद यह माना जा रहा था कि जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि अब पार्टी का पूरा फोकस महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर जनसमर्थन जुटाने पर केंद्रित हो गया है।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद से ही संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ भी संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की थी। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भी हाल ही में लखनऊ में संगठनात्मक समीक्षा के लिए पहुंचे थे।

इन बैठकों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में नई टीम के गठन की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। लेकिन अब पार्टी ने इससे पहले महिला आरक्षण के मुद्दे पर व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

शनिवार को इस मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर विचार-विमर्श किया। उसी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन भी सुना।

वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर महिलाओं के साथ यह संबोधन देखा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने देर रात पार्टी मुख्यालय में अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना और आगामी रणनीति पर चर्चा की।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को उनका अधिकार देने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में बाधा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनता, विशेषकर महिलाएं, इस रवैये को समझ रही हैं और आने वाले समय में इसका जवाब भी देंगी।