फतेहपुर में जिस चाय की दुकान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ समय पहले चाय पी थी, उसी दुकान के मालिक शेषमन यादव पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के अधिकारियों ने दुकान पर छापेमारी कर कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

इस पूरे मामले के बाद रविवार को अखिलेश यादव ने शेषमन यादव और उनके पुत्र आर्यन यादव को अपने पार्टी कार्यालय बुलाया। इस दौरान उन्होंने दोनों को सम्मान स्वरूप पीतल के बर्तन भेंट किए और उनके साथ बातचीत की।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि दुकान पर एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाए जाने को लेकर अनावश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर इसी आधार पर कार्रवाई हो रही है तो उनके घर में भी एल्युमिनियम के बर्तन हैं, ऐसे में उनके घर को भी सील कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में एक मुस्लिम नेता के माध्यम से शिकायत कराई गई है, ताकि विवाद खड़ा किया जा सके।

गौरतलब है कि 20 फरवरी को फतेहपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने इस चाय की दुकान पर रुककर चाय पी थी और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी, जो काफी वायरल हुई थी। उस समय उन्होंने लोगों से कहा था कि डरने की जरूरत नहीं है और काम जारी रखें, समय बदलेगा।

इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम दुकान पर पहुंची थी और निरीक्षण करते हुए सैंपल भी लिए थे। अधिकारियों ने बताया था कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, साथ ही दुकान को लेकर चेतावनी भी दी गई थी।

वहीं, दुकानदार शेषमन यादव का कहना है कि जब से अखिलेश यादव उनकी दुकान पर आए हैं, तभी से उन्हें लगातार जांच और पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी बर्तनों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा है।

इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार गरीब और छोटे व्यापारियों को परेशान कर रही है, जबकि वास्तविक पीड़ित वही लोग हैं जो पीडीए वर्ग से आते हैं। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी।