पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। इसके तहत 32 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विभिन्न जिलों का नोडल प्रभारी नियुक्त किया गया है।
👮♂️ वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस सूची में एडीजी, आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें 8 अधिकारियों को दो-दो जिलों का प्रभार दिया गया है, जबकि शेष 24 अधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
📍 प्रमुख जिलों की जिम्मेदारी
राजधानी पटना का प्रभार एडीजी नैयर हसनैन खान को दिया गया है। वहीं आईजी संजय कुमार को मुजफ्फरपुर और एडीजी एस. रविंद्रण को गया जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भागलपुर और नवगछिया की निगरानी आईजी एस. प्रेमलता को दी गई है। इस व्यवस्था में राज्य के प्रमुख जिलों में अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि प्रशासनिक निगरानी और बेहतर हो सके।
🔍 क्या है नोडल सिस्टम?
बिहार पुलिस मुख्यालय ने यह प्रणाली पिछले वर्ष शुरू की थी। इसके तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जिलों का दौरा कर पुलिस कार्यों की समीक्षा करते हैं और अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपते हैं।
तबादलों और नई नियुक्तियों के बाद इस बार संशोधित सूची जारी की गई है, जिसका उद्देश्य पुलिसिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
📊 किन बिंदुओं पर होगी समीक्षा?
नोडल अधिकारी जिलों में कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों, स्पीडी ट्रायल, अनुसंधान प्रक्रिया और थानों की कार्यप्रणाली सहित लगभग 18 प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा करेंगे।
📝 हर महीने रिपोर्ट अनिवार्य
सभी अधिकारियों को निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हर महीने डीजीपी को सौंपनी होगी, जिसमें उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी भी शामिल होगी।
👥 जनता से जुड़ाव पर जोर
इस व्यवस्था में जनता दरबार और पुलिस-जन संवाद को भी विशेष महत्व दिया गया है, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सके।
⚖️ पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद
सरकार और पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से जिलों में जवाबदेही बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी।
📌 आईपीएस अधिकारी – आवंटित जिला (संक्षिप्त सूची)
- नैयर हसनैन खान, एडीजी – पटना
- संजय कुमार, आईजी – मुजफ्फरपुर
- एस. रविंद्रण, एडीजी – गया
- एस. प्रेमलता, आईजी – भागलपुर एवं नवगछिया
- (अन्य अधिकारी विभिन्न जिलों के लिए नियुक्त)