बिहार प्रदेश कांग्रेस पटना के सदाकत आश्रम में राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनाना श्रीकृष्ण सिंह उर्फ श्री बाबू की 136वीं जयंती मना रही है। खास बात यह रही कि 8 साल बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के कार्यक्रम में पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही लोगों ने लालू प्रसाद के जयकारे लगाए। चौंकाने वाली बात यह रही कि सीएम नीतीश कुमार को भी इस कार्यक्रम के लिए न्यौता भेजा गया था लेकिन वह नहीं पहुंच पाए। 

देश में सांप्रदायिक ताकतों का बोलबाला है
लालू प्रसाद यादव ने अपने पुराने अंदाज में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। लालू प्रसाद ने कहा कि एलान किया गया कि गांधी मैदान में फिर से ऐतिहासिक रैली होगी। इसमें भाजपा भगाओ देश बचाओ रैली का आयोजन होगा। लालू ने कहा कि देश में सांप्रदायिक ताकतों का बोलबाला है। देश में भाजपा और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का सुपड़ा साफ होगा। जातीय जनगणना के भाजपा हो रही परेशानी है। लालू ने देश में भी जातीय जनगणना कराने की मांग की और कहा कि जनगणना के हिसाब से देश में सत्ता का बंटवारा होगा। राजद सुप्रीमो ने दावा किया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में इनकी हार तय है। यह सब जगह से साफ हो जाएंगे।

अखिलेश प्रसाद सिंह ने राजनीति की लंबी दूरी तय की
वहीं कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने कहा कि अखिलेश प्रसाद सिंह ने राजनीति की लंबी दूरी तय की है। लेकिन आज जिस तरह से जातिवाद का माहौल है इसमें कांग्रेस का कोई व्यक्ति कैसे मुख्यमंत्री बन सकता है? लेकिन अभी अखिलेश प्रसाद सिंह श्री कृष्ण सिंह की तरह बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं सिर्फ मुख्यमंत्री पद की दूरी अखिलेश सिंह की बची है। बता दें कि 8 साल बाद लालू प्रसाद कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में पहुंचे। इससे पहले लालू 2015 में विशुनदेव बाबू की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे।