शामली में मेडिकल कारोबारी के बेटे के धर्मांतरण से जुड़े मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। युवक आयुष मलिक, जिसने अब खुद को मोहम्मद अली बताना शुरू कर दिया है, ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि उसने यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से लिया था।

आयुष का कहना है कि उसे इस्लाम धर्म में रुचि पहले से थी, जो समय के साथ और गहरी होती गई। 2018 में कंधे की चोट के इलाज के दौरान उसकी मुलाकात फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी से हुई थी। वहीं से दोनों की जान-पहचान शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। इसके बाद उसने इंटरनेट पर इस्लाम से जुड़े वीडियो देखना शुरू किया और धीरे-धीरे धर्म को समझने के बाद इसे अपनाने का निर्णय लिया।

उसने बताया कि करीब चार साल पहले उसने चांदनी से निकाह किया था, जो दिल्ली में संपन्न हुआ क्योंकि उस समय स्थानीय स्तर पर किसी मौलवी ने निकाह कराने से इनकार कर दिया था। आयुष के अनुसार, उसने यह नाम भी खुद चुना और अब वह इसी पहचान के साथ आगे जीवन जीना चाहता है, हालांकि उसके आधिकारिक दस्तावेजों में अब भी पुराना नाम दर्ज है।

परिवार से रिश्तों पर बात करते हुए आयुष ने कहा कि घरवाले उसके फैसले से नाराज हैं और उस पर वापस हिंदू धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम है। उसने यह भी कहा कि वह अपने परिवार और पत्नी दोनों में से किसी को छोड़ना नहीं चाहता।

इसी बीच धर्मांतरण को लेकर पुलिस की जांच भी जारी है। पुलिस का दावा है कि इस पूरे मामले में कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध है और यह एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। आरोप है कि युवती और उसके परिवार ने पहले प्रेम संबंध के जरिए युवक को प्रभावित किया और बाद में उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही, चांदनी का भाई और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एसपी के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि युवक की मुलाकात चांदनी से जिम और फिजियोथेरेपी के दौरान हुई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बढ़े। वहीं मामले में कुछ धार्मिक व्यक्तियों की भूमिका और दिल्ली व मुंबई तक इसके तार जुड़े होने की बात भी जांच में सामने आ रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।