पटना में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के संदेश के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक प्रतीकात्मक पहल की। ‘नो व्हीकल डे’ के तहत उन्होंने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग से पैदल ही सचिवालय के लिए रवाना हुए।

इस दौरान उनके साथ सचिव और अन्य अधिकारी भी पैदल चलते नजर आए। मुख्यमंत्री की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

पहले से ही की थी अपील

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिनों पहले नागरिकों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि छोटे-छोटे बदलावों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत संभव है और पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

अब मुख्यमंत्री ने खुद इस अपील को व्यवहार में लागू कर उदाहरण पेश किया है, जिसकी चर्चा प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी हो रही है।

पहले भी घटा चुके हैं काफिला

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पहले ही अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर चुके हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

अन्य नेताओं पर भी असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई दे रहा है। राज्य के कई मंत्री अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा रहे हैं, जबकि कुछ जनप्रतिनिधि सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।

सरकार इस पूरी पहल को जनभागीदारी के माध्यम से ऊर्जा संकट से निपटने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सामूहिक प्रयास के रूप में देख रही है।