गया में पितृपक्ष मेला के समापन के करीब 30 सितंबर को पितृ दीपावली का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दीप जलाते हैं। इस बार जिला प्रशासन ने पितृ दीपावली के अवसर पर पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। डीएम डॉ. त्याग राजन एसएम के आदेश पर सदर एसडीओ किसलय श्रीवास्तव ने मेला क्षेत्र में धारा 144 लागू की है। अगर कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन कर पटाखे फोड़ता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और घाटों पर बने पंडालों के आगजनी के खतरे को देखते हुए लिया है। प्रशासन का मानना है कि पटाखे फोड़ने से आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए डीएम ने आम जनता से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें और पितृ दीपावली के दौरान पटाखे नहीं फोड़ें।

पितृ दीपावली की मान्यता
पितृपक्ष के 14वें दिन त्रयोदशी तिथि की शाम को गया के फल्गु नदी के देवघाट पर पितृ दीपावली मनाई जाती है। मान्यता है कि इस अवसर पर दीप जलाने से पितरों को स्वर्ग का मार्ग प्रकाशमय हो जाता है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों के नाम से घी के दीप जलाते हैं, जिसमें कुछ लोग 500 से 1000 तक दीये जलाकर अपने पितरों के उद्धार की कामना करते हैं।
पितृपक्ष मेला और सुरक्षा
17 सितंबर से शुरू हुआ पितृपक्ष मेला दो अक्तूबर तक चलेगा, जिसमें लाखों तीर्थयात्री शामिल हो रहे हैं। पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है।