बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा शुक्रवार को पूर्णिया में आयोजित जनता दरबार में सख्त तेवर में नजर आए। आम लोगों की शिकायतें सुनते समय जब भ्रष्टाचार और पुलिस की लापरवाही के मामले सामने आए, तो उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता के साथ अन्याय करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा।
जनता दरबार में सबसे भावुक क्षण तब आया, जब एक विधवा मुस्लिम महिला बीबी नासरीन बानो अपने छोटे बच्चों के साथ न्याय की गुहार लगाने पहुंचीं। उन्होंने रोते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद दबंगों ने उनकी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिए और विरोध करने पर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि महिला को न्याय दिलाया जाए और यदि कार्रवाई में देरी हुई तो उन्हें सीधे कॉल किया जाए।
इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जांच अधिकारी की सुस्ती पर नाराज होकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता की मदद के लिए हैं, उन्हें परेशान करने के लिए नहीं। उन्होंने अंचलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर मामले का निष्पादन करने और पुलिस अधीक्षक को जमीन पर कब्जा दिलाने के सख्त निर्देश दिए।
एक अन्य पीड़ित ने बताया कि पुलिस उनकी 35 वर्ष पुरानी पुश्तैनी जमीन पर मकान निर्माण रोक रही है और जेल भेजने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि इस विवाद के तनाव में उनके पिता की मौत हो गई।
उपमुख्यमंत्री ने थानेदारों को कड़ा संदेश दिया कि यदि किसी ईमानदार नागरिक को बेवजह परेशान किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चाहे तबादला हो या सेवानिवृत्ति, जनता के साथ अन्याय करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।