77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को मुजफ्फरपुर स्थित आरएसएस प्रांतीय कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में ध्वजारोहण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का अग्रणी गणराज्य बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को संविधान में निहित अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना होगा।

भागवत ने आगे कहा कि संविधान ही नागरिकों को उनके धर्म और कर्तव्यों का बोध कराता है। इसका नियमित अध्ययन कानून के प्रति सजगता बढ़ाता है और सार्वजनिक जीवन में अनुशासन का पालन करना हर नागरिक का प्रमुख दायित्व है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में छुपी उन परंपराओं का भी उल्लेख किया, जो सामाजिक समरसता और मानवता को बनाए रखने का कार्य करती हैं।

सरसंघचालक ने तिरंगे के रंगों का महत्व भी समझाया। उनके अनुसार, केसरिया रंग त्याग, गतिशीलता और प्राचीन भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, सफेद रंग विचारों की पवित्रता दर्शाता है, और हरा रंग प्रगति और समृद्धि का संकेत है। तिरंगे के मध्य में स्थित अशोक चक्र यह दर्शाता है कि हर प्रकार की प्रगति धर्म और नैतिकता के मार्गदर्शन में होनी चाहिए। इस कार्यक्रम में संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।