मुंबई। सोमवार को भारी नुकसान के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में खरीदारी का दबाव देखा गया।
BSE सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,566.16 के मुकाबले 78,375.73 पर खुला, यानी शुरुआती सत्र में लगभग 809 अंकों की तेजी दर्ज हुई। वहीं Nifty 50 भी बढ़त के साथ 24,280.80 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद 24,028.05 से करीब 253 अंकों की बढ़त है।
एशियाई बाजारों में मजबूती
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखी गई।
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Nikkei 225 1,670.36 अंक (3.17%) बढ़कर 54,399.08 पर पहुंचा।
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Hang Seng Index 432.50 अंक (1.70%) ऊपर होकर 25,840.97 पर कारोबार कर रहा था।
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दक्षिण कोरिया का KOSPI 256.46 अंक (4.88%) की तेजी के साथ 5,508.33 पर खुला।
एशियाई बाजारों में यह बढ़त वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है और भारतीय बाजार की शुरुआती मजबूती पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट
10 मार्च को वैश्विक तेल बाजार में बड़ी गिरावट आई। एक दिन पहले तेल की कीमतें पिछले तीन साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी थीं। गिरावट का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेत थे कि मिडिल ईस्ट का संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, जिससे लंबी अवधि के सप्लाई शॉर्टेज की संभावना कम हो गई।
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Brent Crude 6.51 डॉलर (6.6%) गिरकर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
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WTI कच्चा तेल 6.12 डॉलर (6.5%) गिरकर 88.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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भारत में MCX पर कच्चे तेल की कीमत 6% गिरकर 8,261 रुपये प्रति बैरल रही।
ट्रंप का युद्ध खत्म करने का संकेत
मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच ट्रंप ने संकेत दिए कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को जल्दी समाप्त किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन रहे हैं कि संघर्ष के अंत की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका किसी भी ऐसे शासन को बर्दाश्त नहीं करेगा जो दुनिया को डराकर या वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश करे। अगर ईरान ऐसा कोई कदम उठाता है, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।