नई दिल्ली। भाजपा के मीडिया प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मालवीय ने यूथ कांग्रेस द्वारा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में व्यवधान डालने और नग्न प्रदर्शन करने की घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी गर्व से यह कह रहे हैं कि “कर दिया काम यूथ कांग्रेस ने”, जबकि वास्तविकता यह है कि इस प्रदर्शन ने भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने लिखा कि जब दुनिया भर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता एआई के भविष्य पर चर्चा कर रहे थे, तब कांग्रेस पार्टी को लगा कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का सबसे अच्छा तरीका अराजकता और अशोभनीय प्रदर्शन है।
नेहरू के आदर्शों के खिलाफ कांग्रेस का व्यवहार
मालवीय ने कांग्रेस के इस कदम की तुलना जवाहरलाल नेहरू के मूल्यों से की। उन्होंने बताया कि 1950 के दशक में जब महाराजा यशवंतराव होलकर द्वितीय के निधन के बाद उत्तराधिकार का सवाल उठा, तब नेहरू ने स्पष्ट किया कि वंश की वैधता भारतीय मूल से जन्म पर आधारित होनी चाहिए। इसी आधार पर राजकुमारी उषा देवी राजे साहिब होलकर को उत्तराधिकारी मान्यता दी गई।
मालवीय ने सवाल उठाया कि अगर नेहरू राष्ट्रीय पहचान और निष्ठा को इतना महत्व देते थे, तो क्या राहुल गांधी और कांग्रेस आज इस मूल भावना को समझ नहीं पा रहे हैं? उनका कहना था कि देश की गरिमा की रक्षा के बजाय, कांग्रेस आज दुनिया के सामने भारत को शर्मिंदा करने वाले प्रदर्शनों पर गर्व महसूस कर रही है।
क्या हुआ इंडिया एआई समिट में?
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंदर घुसकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महंगाई और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं ने समिट स्थल के भीतर अपनी शर्ट उतारकर डिस्प्ले बोर्ड के सामने नारे लगाए और तस्वीरें खिंचवाईं। सुरक्षा बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया और परिसर से बाहर ले जाया, ताकि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में कोई व्यवधान न हो।
इस समिट में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत और विदेशी प्रतिनिधिमंडल मौजूद थे, इसलिए घटना ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार करार दिया।
सोशल मीडिया और बहस
यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट और प्रदर्शन के बाद देश में तकनीक, राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। घटना ने राजनीतिक विमर्श और सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों को जन्म दिया, जिससे एआई समिट और देश की वैश्विक छवि पर सवाल खड़े हुए।