पटना। बिहार की राजनीति में अगले मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच गृह मंत्री सम्राट चौधरी का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में चर्चा में है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्यता की प्रक्रिया के लिए दिल्ली रवाना हुए। इसी बीच सम्राट चौधरी के दोपहर 3:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाने की खबर ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय पर विवादित पोस्टर

पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर एक पोस्टर लगाया गया। पोस्टर पर “बाल्मीकि समाज संघ” के नाम से अपील की गई थी, जिसमें लिखा था: “बिहार में हो सम्राट की सरकार”।

हालांकि, पोस्टर लगने के कुछ ही देर बाद सुरक्षा कर्मियों ने इसे हटा दिया। भाजपा ने स्पष्ट किया कि यह पोस्टर पार्टी की ओर से नहीं लगाया गया था और इसका पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

पोस्टर में राजेश कुमार बाल्मीकि की तस्वीर भी शामिल

पोस्टर पर सम्राट चौधरी के साथ राजेश कुमार बाल्मीकि की तस्वीर भी दिखाई गई। इस पोस्टर के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सवाल उठ रहे हैं कि यह पोस्टर किसी समर्थक की व्यक्तिगत पहल थी या सियासी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश।

सियासी हलचल को और बढ़ाया पोस्टर ने

हालांकि पोस्टर हटा दिया गया, लेकिन इस घटना ने सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की संभावनाओं को लेकर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और हलचल देखने को मिल सकती है।