जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। थाना भोपालपटनम और फरसेगढ़ के सीमावर्ती नेशनल पार्क एरिया में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी मारे गए, जिनमें चार महिला कमांडर और नेशनल पार्क एरिया कमेटी के इनामी डीवीसीएम दिलीप बेड़जा भी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, डीवीसीएम दिलीप बेड़जा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ कोबरा (202, 206, 210) और सीआरपीएफ 214 की संयुक्त टीम ने 17 जनवरी से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान में सुबह से शाम तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही।

मुठभेड़ और तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने छह माओवादियों के शव बरामद किए। इनके पास से छह अत्याधुनिक हथियार—2 एके-47, 1 इंसास राइफल, 2 .303 राइफल और 1 कार्बाइन—साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक, बीजीएल लॉन्चर, वायरलेस सेट, नकद राशि, माओवादी साहित्य और वर्दी जब्त की गई।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि मारे गए माओवादियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम था। इनमें दिलीप बेड़जा पर 8 लाख, एसीएम माड़वी कोसा पर 5 लाख, एसीएम पालो पोड़ियम पर 5 लाख, एसीएम लक्खी मड़काम पर 5 लाख, पीएम जुगलो बंजाम और पीएम राधा मेट्टा पर क्रमश: 2-2 लाख रुपये का इनाम था। दिलीप बेड़जा के विरुद्ध बीजापुर में 135 आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि लगातार चालू आसूचना आधारित अभियानों और ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र में माओवादी प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। उन्होंने शेष बचे माओवादी कैडरों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का आग्रह किया।

अभियान के दौरान कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा और एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम घायल हुए, जिन्हें सुरक्षित रूप से उच्च केंद्र में उपचार के लिए भेजा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

साल 2025 में बीजापुर जिले में 163 माओवादी ढेर किए गए थे, जबकि 2026 में अब तक आठ माओवादी मारे जा चुके हैं।