नई दिल्ली। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को हुई यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन ने राजधानी में सियासी माहौल गरमा दिया। भाजपा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जताई और दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इंडिया एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं—कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव—को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्हें शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उनकी पांच दिन की कस्टडी की मांग की। पुलिस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और वैश्विक हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए और अन्य भागे हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए यह कस्टडी जरूरी है। वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और प्रदर्शनकारियों ने कानून का उल्लंघन नहीं किया।
भाजपा नेताओं ने इस घटना को गंभीर बताया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस अब प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते देश के खिलाफ भी प्रदर्शन करने लगी है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के इस कृत्य ने भारत के अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
यूथ कांग्रेस का हंगामा
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम के हॉल नंबर-5 में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें और ‘इंडिया-यूएस ट्रेड डील’, ‘एपस्टीन फाइल्स’, ‘पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड’ जैसे नारे लिखे। उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतारकर नारेबाजी शुरू की।
इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों और आयोजकों को मौके पर काबू पाना पड़ा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाकी की पहचान के लिए जांच जारी रखी। घटना के चलते समारोह में अफरातफरी मच गई, जबकि विदेशी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं की मौजूदगी के कारण सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई।
इस घटना ने एआई समिट के महत्व और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि पर सियासी बहस को भी जन्म दिया है।