नई दिल्ली। राजधानी में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार जल्द ही एक नई पॉलिसी लेकर आ रही है, जिसमें ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन और निगरानी के नियम तय किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस पॉलिसी में गैर-कानूनी ई-रिक्शा को भी शामिल किया जाएगा और उन्हें रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा। पॉलिसी फाइनल होने के बाद मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पॉलिसी के मुख्य बिंदु
नई पॉलिसी में ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन, ड्राइवरों का रेगुलेशन, यात्री सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जा सकती हैं। इसका उद्देश्य राजधानी में ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करना और ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी के साथ-साथ यात्रियों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
स्टेकहोल्डर्स की राय शामिल
पॉलिसी के ड्राफ्ट को तैयार करते समय RWA, ई-रिक्शा ऑपरेटर, नागरिक, ट्रांसपोर्ट विभाग और ट्रैफिक पुलिस समेत विभिन्न हितधारकों की राय ली जाएगी। इस महीने के अंत तक इस पॉलिसी को लेकर एक बैठक होने की संभावना है।
राजधानी में स्थिति
पिछली जनवरी तक दिल्ली में 2,04,131 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड थे, लेकिन कुल संख्या इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है। बिना रजिस्ट्रेशन वाले या गैर-कानूनी ई-रिक्शा की संख्या एक लाख से अधिक है। राजधानी में 236 सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक है।
नियम और सुरक्षा
ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग समय-समय पर गैर-कानूनी ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करते हैं और उन्हें स्क्रैप करने के निर्देश भी दिए जाते हैं। ई-रिक्शा की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित है और इसमें ड्राइवर समेत अधिकतम पांच लोग बैठ सकते हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक जाम को देखते हुए गैर-कानूनी ई-रिक्शा पर नियंत्रण करने का निर्देश दिया है।