आगरा के किरावली थाना की पुलिस पर एक बार फिर थर्ड डिग्री का आरोप लगा है। इससे पहले करहरा गांव के राजू पंडित के पैर टूटने के मामले में कार्रवाई न होने से पीड़ित अब भी न्याय की उम्मीद में भटक रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को मिढ़ाकुर पुलिस चौकी के दो दरोगाओं पर आरोप लगा कि उन्होंने किशोरों के विवाद में एक चचेरे भतीजे को हिरासत में लेकर पैसे की मांग की और उसकी पिटाई करते हुए हाथ तोड़ दिया।

छात्र अब 10वीं की परीक्षा नहीं दे पाएगा

पीड़ित छात्र करन का हाथ टूटने के कारण वह आगामी 10वीं की परीक्षा नहीं दे पाएगा, जिससे उसका एक साल प्रभावित होगा। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों दरोगाओं अनुराग और इशांत को निलंबित कर दिया। मेडिकल जांच में हाथ टूटने की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

मामला कैसे हुआ

किरावली के नानपुर गांव में 15 वर्षीय करन का विवाद 18 फरवरी को अपने ही गांव के नाबालिग कार्तिक से हुआ था। झगड़े के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की थी, जिस पर चौकी के दरोगाओं ने समझाइश दी।

शुक्रवार को करन परीक्षा देकर दोपहर 12:30 बजे घर आया। उसी दौरान दरोगा अनुराग और इशांत घर आए और उसे चौकी ले जाने लगे। करन के पिता नरेंद्र कुमार जब मौके पर आए तो दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की गई। करन को डेढ़ घंटे में छोड़ दिया गया, जबकि उसका चचेरा भतीजा रोहित पकड़ लिया गया।

10 हजार रुपये नहीं देने पर पिटाई

भतीजे को छोड़ने के लिए दोनों दरोगाओं ने 10 हजार रुपये की मांग की, जो परिवार देने में असमर्थ था। इसके बाद आरोप है कि दरोगाओं ने भतीजे को चौकी में बांधकर डंडों और पटों से पीटा। पिटाई के दौरान उसका हाथ चोटिल हो गया। शाम 7:30 बजे उसे छोड़ा गया, और रात भर दर्द से कराहता रहा। अगले दिन डॉक्टर ने हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि की।

परिजन शिकायत के लिए डीसीपी कार्यालय पहुंचे

भतीजे के हाथ टूटने के बाद उसके ताऊ बबलू डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार से शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन वीआईपी आगमन के कारण अधिकारी उपलब्ध नहीं थे। मीडिया को जानकारी मिलने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ। डीसीपी वेस्ट ने एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों दरोगाओं को तत्काल निलंबित कर दिया गया।

एफआईआर दर्ज होगी

रविवार को छात्र का मेडिकल कराया जाएगा। पिटाई की पुष्टि होने पर परिजनों की तहरीर पर दोनों दरोगाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।