दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में वीवीआईपी गेट तोड़कर प्रवेश करने वाले पीलीभीत निवासी सरबजीत सिंह से दिल्ली पुलिस की कई टीमें लगातार पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी की तरफ से पुलिस को गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि अधिकारियों ने उसकी दी गई जानकारी डायरीबद्ध की है।
पंजाब यात्रा और मोबाइल फोन विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार को एक टीम सरबजीत सिंह को लेकर पंजाब जाएगी। वहां यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आनंदपुर साहिब पहुंचने के बाद आरोपी किन-किन लोगों से मिला।
गिरफ्तारी के समय सरबजीत का मोबाइल फोन पुलिस के पास नहीं था। पूछताछ में उसने बताया कि फोन करनाल के अमन ढाबे के पास खो गया था। बुधवार को मोबाइल की तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सीडीआर जांच में पता चला कि पंजाब से लौटते समय अंबाला में फोन बंद हो गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या फोन गलती से खो गया या जानबूझकर सूचनाओं को छिपाने के लिए इसे गायब किया गया।
सहकर्मियों और टैक्सी चालकों से पूछताछ
सरबजीत के साथ पकड़े गए दो टैक्सी चालक, नरेश और हरीश, से भी पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने रास्ता न पता होने का बहाना बनाकर दोनों को गुमराह किया और गाड़ी में अपने साथ बैठा लिया।
टेरर एंगल की जांच जारी
उत्तर दिल्ली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरबजीत के पुराने रिकॉर्ड और किसान आंदोलन में उसकी सक्रियता को देखते हुए पुलिस टेरर एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
पुलिस उसकी बैंक खातों की पिछली गतिविधियों की पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाते में पैसे कहां से आए। साथ ही, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्क नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इसके लिए पुलिस पीलीभीत जाकर उसके परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ करेगी।