दिल्ली हाईकोर्ट ने लंबी हिरासत में रखे गए लोगों को खाने-पीने, पानी, बेसिक सैनिटेशन और रात में आराम की उचित सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में याचिका पर दिल्ली सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
याचिकाकर्ता और वकील आदित्य चौहान ने याचिका में बताया कि उन्होंने करावल नगर, दयालपुर, गोकुलपुरी, सोनिया विहार, उस्मानपुर, सीलमपुर, सिविल लाइंस और कश्मीरी गेट समेत कई पुलिस थानों का दौरा किया। इस दौरान यह देखा गया कि हिरासत में रखे गए लोगों के लिए खाने-पीने और आराम की कोई निर्धारित व्यवस्था नहीं है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अधिकतर मामलों में खाना परिवार के सदस्य लाते हैं और जहां कोई नहीं होता, वहां हिरासत में लिए गए व्यक्ति को खुद अपना खाना खरीदना पड़ता है। कुछ मामलों में पुलिस अधिकारी व्यक्तिगत खर्च से मदद करते हैं। साथ ही, हिरासत के दौरान सैनिटेशन के लिए कोई निगरानी या मानक व्यवस्था नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन आवश्यक सुविधाओं के संबंध में कोई स्पष्ट कानूनी आदेश मौजूद नहीं है।
सुनवाई के दौरान बेंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या इस तरह की कोई गाइडलाइन है और क्या इसका पालन किया जा रहा है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को करने का आदेश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी गई।