कथित आबकारी घोटाला मामले की सुनवाई अब न्यायमूर्ति मनोज जैन करेंगे। इससे पहले पिछले सप्ताह हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था। उनके अलग होने के बाद मामला पुनः मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजा गया, जहां से इसे न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ को सौंप दिया गया है।
वहीं, आबकारी नीति से जुड़े अवमानना (कंटेंप्ट) मामले की सुनवाई मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रवींद्र डुडेजा की खंडपीठ इस याचिका पर विचार करेगी। इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज सहित कई लोगों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया गया था, जिसे न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने संज्ञान में लिया था।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने हाल ही में कहा था कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, मानहानिकारक और अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिन्हें वह नजरअंदाज नहीं कर सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके संज्ञान में कुछ लोगों द्वारा अदालत और उनके खिलाफ भड़काऊ और अवमाननापूर्ण सामग्री साझा की गई है, जिस पर उन्होंने अवमानना कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया है।