नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमा में कटौती की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। मंगलवार को आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में क्षेत्र की सीमा घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान में एनसीआर में शामिल सभी जिले पहले की तरह इस दायरे में बने रहेंगे।

बैठक में हरियाणा सरकार की ओर से कुछ जिलों को एनसीआर से बाहर करने का सुझाव रखा गया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके साथ ही एनसीआर की मौजूदा भौगोलिक सीमा को यथावत रखने का फैसला लिया गया।

बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एनसीआर के भविष्य के स्वरूप और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर अध्ययन के लिए एक उपसमिति (सब-कमेटी) गठित की गई है। यह समिति अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनसीआर बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर में आयोजित होगी।

चार नए ‘नमो सिटी’ विकसित करने की योजना

बैठक में एनसीआर के भीतर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके तहत चार ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिन्हें ‘नमो सिटी’ के रूप में विकसित किया जा सकता है।

इसके लिए एनसीआर से जुड़े चारों राज्यों—हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली—से एक-एक संभावित स्थान का प्रस्ताव मांगा गया है। हालांकि इन शहरों के लिए अंतिम स्थानों का चयन अभी नहीं किया गया है।

क्या था एनसीआर का दायरा घटाने का प्रस्ताव?

ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर की सीमा तय करने के लिए 100 किलोमीटर के दायरे का फार्मूला चर्चा में था। इसी आधार पर हरियाणा ने कुछ जिलों को एनसीआर से बाहर करने का सुझाव दिया था।

हरियाणा सरकार का तर्क था कि एनसीआर से जुड़े नियमों और पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण कई विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में दिक्कतें आ रही हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता तो राज्य के एनसीआर क्षेत्रफल में करीब 60 प्रतिशत तक कमी आ सकती थी।

इन जिलों पर पड़ सकता था असर

प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में करनाल, महेंद्रगढ़, जींद, भिवानी और चरखी दादरी जैसे जिलों का बड़ा हिस्सा या पूरा जिला एनसीआर से बाहर हो सकता था। वहीं पानीपत भी सीमा रेखा के करीब होने के कारण प्रभावित जिलों में शामिल था।

हालांकि बोर्ड के फैसले के बाद अब इन जिलों की एनसीआर स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

फिलहाल 24 जिलों में फैला है NCR

वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुल 24 जिलों में फैला हुआ है। इसमें हरियाणा के सबसे अधिक 14 जिले शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के आठ और राजस्थान के दो जिले एनसीआर का हिस्सा हैं।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में क्षेत्रीय विकास, परिवहन नेटवर्क, प्रदूषण नियंत्रण और भविष्य की शहरी योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्रीय योजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में आगे बढ़ाई जाएगी।