पश्चिमी विक्षोभों के कारण पिछले लगभग दो हफ्तों से मिली राहत अब खत्म हो गई है और राजधानी समेत उत्तर भारत में गर्मी ने एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ ली है। साफ आसमान और लगातार तेज धूप के चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी असहज होती जा रही हैं।
दिन के समय हालात ऐसे रहे कि धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सुबह 11 बजे के बाद से ही सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। सोमवार को पूरे दिन उमस भरी गर्मी और लू जैसे हालात बने रहे, जिससे लोग पसीने से तरबतर नजर आए।
बढ़ा हीट इंडेक्स, बढ़ी परेशानी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान भले ही सामान्य स्तर से थोड़ा कम रहा हो, लेकिन नमी के कारण महसूस होने वाली गर्मी यानी हीट इंडेक्स 48 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया। इसी वजह से लोगों को असली तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी का अहसास हुआ।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। वहीं, आर्द्रता का स्तर भी असंतुलित रहा, जहां अधिकतम नमी 57 प्रतिशत और न्यूनतम 23 प्रतिशत दर्ज की गई।
पिछले तीन दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर और बढ़ गया है। बीते एक साल का रिकॉर्ड भी टूट गया है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है। 19 से 24 मई के बीच अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
20 से 22 मई के बीच लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान आसमान साफ रहने और कई इलाकों में गर्म हवाएं चलने की आशंका है। 19 और 21 मई को हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज किए जा सकते हैं।
हवा का रुख मुख्य रूप से पश्चिमी रहने की संभावना है, जो राजस्थान और बलूचिस्तान क्षेत्र से गर्म और शुष्क हवाएं लेकर आएगी, जिससे गर्मी का असर और बढ़ जाएगा।
क्या होता है हीट इंडेक्स?
हीट इंडेक्स वह मान होता है जो वास्तविक तापमान और हवा में मौजूद नमी के संयुक्त प्रभाव से महसूस होने वाली गर्मी को दर्शाता है। इसे 1979 में वैज्ञानिक रॉबर्ट जी. स्टेडमैन ने विकसित किया था ताकि आम लोग भी समझ सकें कि कभी-कभी तापमान कम होने पर भी गर्मी ज्यादा क्यों महसूस होती है।
उमस भरी गर्मी में सावधानी जरूरी
- शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और ORS का सेवन करें
- बाहर का तला-भुना और भारी भोजन खाने से बचें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि त्वचा और पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सके