दिल्ली में ड्रग्स के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक महिला कुसुम को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर स्मैक, चरस और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह का संचालन कर रही थी। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क में उसके परिवार के कई सदस्य भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, कुसुम पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मामला दर्ज था और रोहिणी कोर्ट द्वारा उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है।
लंबे समय से चल रही थी तलाश
डीसीपी शाहदरा आरपी मीणा के मुताबिक, आरोपी महिला की तलाश में पिछले करीब दो महीनों से विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स की जांच की। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी भी की गई।
सूचना मिली थी कि 9 अप्रैल को कुसुम शाहदरा क्षेत्र में एक बड़ी ड्रग डील के लिए आने वाली है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर महेश कसाना के नेतृत्व में एएसआई प्रमोद, मिथलेश, शाहिद सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने मौके पर घेराबंदी की। जैसे ही कुसुम वहां पहुंची, पुलिस को देखकर वह भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुसुम को पहले ही 22 अगस्त 2025 को मकोका मामले में फरार घोषित किया जा चुका था और उसके खिलाफ सुल्तानपुरी थाने में भी केस दर्ज है।
परिवार भी नेटवर्क में शामिल
जांच में सामने आया है कि कुसुम का पूरा परिवार इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। उसकी दो बेटियां दीपा और चीकू पहले से ही ड्रग तस्करी के मामले में जेल में बंद हैं। वहीं उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि अधिक कमाई की लालच में महिला ने अपने पूरे परिवार को इस अवैध धंधे में शामिल कर दिया था।