नई दिल्ली में वाहन मालिकों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) बनवाने को लेकर नया नियम लागू हो गया है। अब यदि किसी वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में दर्ज मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो पीयूसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
RC में मोबाइल नंबर अपडेट अनिवार्य
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब पीयूसी बनवाने की प्रक्रिया में उसी मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जो वाहन की RC में दर्ज है। यदि वह नंबर बंद है, बदल गया है या वाहन मालिक के पास नहीं है, तो पीयूसी बनवाना संभव नहीं होगा।
पहले तक पीयूसी सेंटर पर कोई भी मोबाइल नंबर देकर OTP सत्यापन किया जा सकता था और आसानी से प्रमाण पत्र जारी हो जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था बदल दी गई है।
रोजाना कई लोग हो रहे प्रभावित
पीयूसी सेंटर संचालकों के अनुसार, इस नए नियम के कारण रोजाना 8 से 10 लोग ऐसे आ रहे हैं जिनका पीयूसी नहीं बन पा रहा, क्योंकि उनके वाहन की RC में दर्ज मोबाइल नंबर उनसे मेल नहीं खाता या काम नहीं कर रहा होता है।
कई मामलों में वाहन दूसरे या तीसरे मालिक के पास है, लेकिन RC अभी भी पुराने मालिक के नाम पर है, जिससे समस्या और बढ़ रही है।
विभाग का उद्देश्य क्या है?
परिवहन विभाग के अनुसार, RC से मोबाइल नंबर लिंक करने का उद्देश्य वाहन मालिक की सही पहचान सुनिश्चित करना है। इससे भविष्य में भेजे जाने वाले सभी संदेश, जैसे चालान या अन्य सूचनाएं, सीधे वास्तविक वाहन मालिक तक पहुंच सकेंगी।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में ई-चालान प्रणाली पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी, इसलिए सही संपर्क विवरण का अपडेट रहना जरूरी है।
मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया
वाहन मालिक परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं:
- parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं
- Online Services में Vehicle Related Services चुनें
- राज्य के रूप में Delhi और संबंधित RTO चुनें
- Update Mobile Number using Aadhaar विकल्प पर क्लिक करें
- RC, चेसिस और इंजन नंबर दर्ज करें
- आधार और नया मोबाइल नंबर भरें
- OTP सत्यापित कर सबमिट करें
इसके बाद RC में मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा।
वाहन किसी और के नाम पर हो तो क्या करें?
यदि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है, तो पहले RC ट्रांसफर कराना आवश्यक होगा। इसके लिए:
- फॉर्म 29 और 30 भरें
- खरीदार और विक्रेता के हस्ताक्षर कराएं
- RC, बीमा, PUC, पहचान पत्र और पते का प्रमाण संलग्न करें
- यदि लोन है तो बैंक से NOC (फॉर्म 35) लें
- संबंधित RTO में आवेदन जमा करें या ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करें
- निर्धारित शुल्क का भुगतान करें
इसके बाद वाहन का स्वामित्व आपके नाम पर स्थानांतरित किया जा सकता है और आगे की सभी सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।