नई दिल्ली। देश की सियासत में इन दिनों दल-बदल और राजनीतिक खेमेबंदी को लेकर माहौल गर्म है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में चल रही अंदरूनी उठापटक के बीच कांग्रेस ने केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को “ऑपरेशन टाइगर” की बजाय “ऑपरेशन कीचड़” करार दिया है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन सीटों पर पार्टी को सफलता नहीं मिली, वहीं अब राजनीतिक तोड़फोड़ की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इसे ऑपरेशन कीचड़ इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि जिन सीटों पर कमल नहीं खिला, वहां अब सियासी गंदगी फैलाई जा रही है।”
खेड़ा ने आगे सवाल उठाया कि आखिर भाजपा और उसके सहयोगी दल 240 सीटों तक ही क्यों सीमित रह गए और 400 सीटों का लक्ष्य क्यों हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब अन्य दलों के सांसदों को तोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।
इस बीच महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने एकनाथ शिंदे गुट के साथ जाने और एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। इसे उद्धव ठाकरे खेमे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बयान दिया था कि महाराष्ट्र में असली शिवसेना एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
महाराष्ट्र से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी उथल-पुथल देखने को मिली थी, जहां टीएमसी को भीतरघात और दल-बदल का सामना करना पड़ा था। उस दौरान भी कई सांसदों के पाला बदलने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में तेज रही थीं।
कुल मिलाकर, देश की राजनीति में इन दिनों दल-बदल और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।