दिल्ली में सड़क धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 24 दिसंबर को ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सड़कों का जायजा लिया गया और धूल कम करने के उपायों की समीक्षा की गई।
आयोग के अधिकारी ने बताया कि डीडीए की सड़कों पर पिछले निरीक्षण (12 दिसंबर) की तुलना में काफी सुधार देखा गया। पहले 27 हिस्सों में ज्यादा धूल पाई गई थी, लेकिन नए निरीक्षण में इनमें से किसी हिस्से को ‘ज्यादा धूल’ की श्रेणी में नहीं पाया गया। 19 हिस्सों पर धूल कम, 7 हिस्सों पर मध्यम और एक हिस्से पर बिल्कुल भी धूल नहीं मिली।
वहीं पीडब्ल्यूडी की 106 सड़कों के निरीक्षण में संतोषजनक स्थिति नहीं रही। इनमें से 9 हिस्सों पर बहुत ज्यादा धूल, 16 पर मध्यम और 37 हिस्सों पर कम धूल दर्ज की गई, जबकि 44 हिस्सों पर धूल नहीं पाई गई।
निरीक्षण में कई जगह सड़क किनारे कूड़ा, निर्माण और तोड़फोड़ का मलबा, तथा खुले में कचरा जलाने की घटनाएं भी सामने आईं। आयोग ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए कि सड़क की नियमित मैकेनिकल सफाई, धूल और कचरे का समय पर उठान, पानी का छिड़काव, सेंट्रल वर्ज का रखरखाव और खुले में जलाने पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।
सीएक्यूएम ने कहा कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत यह निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निगरानी जारी रखी जाएगी।