नई दिल्ली। लाल किला आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने चार आरोपियों की हिरासत अवधि दस दिन के लिए बढ़ा दी है। इस मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, डॉ. शाहीन और मुफ्ती इरफान अहमद वगाये शामिल हैं। अदालत का यह आदेश एनआईए को जांच को आगे बढ़ाने और अन्य संभावित लिंक तलाशने में मदद करेगा।

एनआईए ने 10 दिन की प्रारंभिक रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सात आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। जांच टीम ने विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद की महिला कमांडर मानी जा रही डॉ. शाहीन से फरीदाबाद में पूछताछ की। गुरुवार शाम करीब पांच बजे डॉ. शाहीन को फरीदाबाद लाया गया और करीब चार घंटे तक पूछताछ और विभिन्न स्थानों की निशानदेही कराई गई, इसके बाद रात लगभग नौ बजे उसे दिल्ली वापस ले जाया गया।

एनआईए टीम ने डॉ. शाहीन को धौज गांव स्थित अल फलाह मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के उसी हॉस्टल में ले जाकर कमरे नंबर 22 में प्रवेश कराया, जहाँ वह रहती थी। पूछताछ में उसके दिनचर्या, विश्वविद्यालय परिसर में गतिविधियाँ, मिलने वाले लोगों और नियमित संपर्कों के बारे में जानकारी ली गई। टीम ने कमरे के हर हिस्से का निरीक्षण किया और उसके रूटीन से जुड़े कई सवाल किए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन को विश्वविद्यालय की वाइस-चांसलर भूपिंदर कौर आनंद के पास भी ले जाया गया, ताकि उनसे आमने-सामने पहचान करवाई जा सके। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शाहीन विश्वविद्यालय में कई संदिग्ध संपर्कों में रही थी। इसके बाद एनआईए टीम उसे खोरी जमालपुर लेकर गई, जहां डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल ने पति-पत्नी बताकर किराये पर मकान लिया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने वहां एक छोटी पार्टी भी रखी थी जिसमें डॉ. उमर समेत करीब दस लोग मौजूद थे।