राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि पार्टी अपने मूल आदर्शों और उन सिद्धांतों से दूर हो चुकी है, जिनके आधार पर इसकी नींव रखी गई थी। चड्ढा ने कहा, “मैं अब पार्टी से अलग होकर जनता के बीच जा रहा हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लंबे समय से पार्टी के अंदर असहजता महसूस हो रही थी और वे खुद को “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” के रूप में देख रहे थे। उनके अनुसार, पार्टी का वर्तमान स्वरूप उसके शुरुआती मूल्यों से मेल नहीं खाता।
बीजेपी में शामिल होने का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा के दो-तिहाई से अधिक AAP सांसद उनके साथ हैं और उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे, जिन्होंने बीजेपी मुख्यालय पहुंचकर सदस्यता ग्रहण की।
बीजेपी ने किया स्वागत
बीजेपी नेता नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने लिखा कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का पार्टी में स्वागत है, साथ ही अन्य सांसदों को भी शुभकामनाएं दी गईं।
राज्यसभा में बदला समीकरण
AAP के पास पहले राज्यसभा में 10 सांसद थे—7 पंजाब से और 3 दिल्ली से। हालिया घटनाक्रम के बाद पार्टी की संख्या घटकर 3 रह गई है। अब संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सिच्चेवाल ही पार्टी के राज्यसभा सांसद बचे हैं।
‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपने जीवन के कई साल दिए, लेकिन अब यह अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि अब वे जनता के हित में काम करना चाहते हैं।
AAP में बढ़ी राजनीतिक हलचल
इस घटनाक्रम के बाद AAP की राज्यसभा में स्थिति कमजोर हो गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी में अंदरूनी असंतोष पहले से ही चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ गया है।