चंडीगढ़: मंगलवार रात कलाग्राम लाइट प्वाइंट पर एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक पर सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना तब हुई जब थार वाहन हेड कांस्टेबल के बेटे द्वारा चलाया जा रहा था। मृतकों की पहचान गुलशेर अली (46) और अब्दुल सुभान (44) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी थे।
हादसे का विवरण
दोनों मृतक 21 फरवरी को सहारनपुर से स्पलेंडर बाइक लेकर चंडीगढ़ आए थे और मनीमाजरा में अपने रिश्तेदार के घर ठहरे थे। मंगलवार रात लगभग 11 बजे वे एक और रिश्तेदार के घर जा रहे थे।
जब वे कलाग्राम लाइट प्वाइंट पर पहुंचे, तब ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती के 4-5 सेकंड शेष थे। बाइक पर ब्रेक लगाने के दौरान पीछे से आ रही थार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गुलशेर अली की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल अब्दुल सुभान को राहगीर की मदद से PGI ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पीड़ितों की पृष्ठभूमि
गुलशेर अली और अब्दुल सुभान सहारनपुर में निजी शिक्षक थे और स्थानीय मदरसे में बच्चों को पढ़ाते थे। गुलशेर अली के पांच और अब्दुल सुभान के चार बच्चे हैं। दोनों की मौत से परिवार में गहरा शोक फैल गया। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बुधवार को परिजनों को सौंप दिया गया।
आरोपित और गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि थार चालक अरमान (18), जो सेक्टर-22 का निवासी है, घटना के बाद मौके से फरार हो गया था। उसके पिता हेड कांस्टेबल नित्तल राणा चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय की अकाउंट ब्रांच में तैनात हैं। पुलिस ने वाहन का नंबर नोट कर त्वरित कार्रवाई करते हुए अरमान को दड़वा श्मशानघाट के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के पास अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं पाया गया है।
शुरुआत और दुर्घटना के कारण
पुलिस ने कहा कि थार वाहन तेज रफ्तार में था और चालक सिग्नल की टाइमिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। इसके कारण उसने सड़क पर खड़ी बाइक और उसके सवारों को नहीं देखा। जांच में यह भी सामने आया कि रेड लाइट से ग्रीन लाइट होने में केवल तीन-चार सेकंड बाकी थे, जो हादसे की मुख्य वजह बनी।