मुजफ्फरनगर। मोरना क्षेत्र स्थित शुकतीर्थ के भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में शनिवार शाम प्रसिद्ध कथावाचक संत मुरारी बापू द्वारा श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के प्रारंभ के अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
कार्यक्रम के दौरान पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने विधिवत रूप से व्यासपीठ का पूजन किया और मुरारी बापू का स्वागत शाल व माला पहनाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने महामुनि श्री शुकदेव जी का चित्र भी भेंट स्वरूप प्रदान किया। कथा आरंभ होने से पूर्व मुरारी बापू ने पीठाधीश्वर की वाणी को श्रद्धापूर्वक सुना।

स्वामी ओमानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन के कल्याण के लिए जितने भी मार्ग बताए गए हैं, उनमें श्रीराम कथा सबसे सरल, श्रेष्ठ और फलदायी साधन है। उन्होंने कहा कि यह कथा व्यक्ति को सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलना सिखाती है। रामचरितमानस को उन्होंने विश्व साहित्य का आध्यात्मिक शिखर बताते हुए प्रत्येक चौपाई को प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुरारी बापू छठी बार शुकतीर्थ में राम कथा कर रहे हैं, जो इस पावन भूमि की महत्ता को और बढ़ाता है। स्वामी ओमानंद ने शुकतीर्थ को ज्ञान, मोक्ष और संत परंपरा की पवित्र धरोहर बताते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से आध्यात्मिक साधना का केंद्र रहा है।
कथा के दीप प्रज्वलन में स्वामी ओमानंद महाराज के साथ महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज और जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में श्री शुकदेव आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त देव, कथा व्यास अंचल कृष्ण शास्त्री, सुमन कृष्ण शास्त्री, ठाकुर प्रसाद और दीपक मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।